सनातन धर्म पर विवादित बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ रक्षा मंच के बैनर तले साधु-संतों ने सोमवार को तमिलनाडु भवन के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने उदयनिधि स्टालिन, स्वामी प्रसाद मौर्य, प्रियांक खरगे और प्रो. चंद्रशेखर का पुतला जलाया। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण से सनातन धर्म का अपमान स्वीकार्य नहीं होगा।
इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा लोकतंत्र में भाषा की शालीनता जरूरी है। स्टालिन, प्रियांक खरगे व ए. राजा तर्क नहीं दे रहे हैं, बल्कि अपमान करने के साथ-साथ सनातन धर्म को समाप्त करने की धमकी दे रहे हैं। आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज व स्वामी राघवानन्द महाराज ने कहा कि सब राजनीतिक नेता अपने स्वार्थ के लिए किसी भी धर्म के खिलाफ बोलना बंद करें।
इस मामले में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री माफी मांगे और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने दल से निष्कासित करें। श्री दूधेश्वर मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि महाराज ने सवाल किया कि इस मामले में सरकारें अब तक मौन क्यों हैं। सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी करने वालों को अविलंब गिरफ्तार करना चाहिए।
महामंडलेश्वर नवलकिशोर दास महाराज, महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत कालिका पीठ, महंत स्वामी रामदास, पूरणदास उदासीन, साध्वी विद्यागिरी, कंचन गिरि, महंत धीरेंद्र पुरी, महंत सोम गिरी महाराज, साध्वी विभानंद गिरी, महन्त मंगलदास उदासीन, कोतवाल, विहिप के दिल्ली प्रांत मंत्री सुरेन्द्र गुप्ता, भूषण लाल पराशर, अशोक सचदेवा जी, जय भगवान गोयल ने कहा कि सनातन विश्व के प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार का ही सदस्य मानता है। मगर इसका मतलब यह नहीं कि कोई कुछ भी बोलता रहेगा और सनातन धर्म को मानने वाले चुप बैठे रहेंगे।