हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से 2020 के दंगों की जांच रिपोर्ट मांगी और कई याचिकाओं पर 21 नवंबर को सुनवाई तय की। याचिकाओं में एसआईटी जांच, नेताओं पर कथित हेट स्पीच के लिए एफआईआर और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से 2020 के नॉर्थ ईस्ट दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा की जांच की स्थिति जानने के लिए कहा। कोर्ट ने कई याचिकाओं को 21 नवंबर को सुनवाई के लिए लिस्ट किया, जिनमें दंगों की स्वतंत्र विशेष जांच टीम (एसआईटी) जांच और कथित हेट स्पीच के लिए नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एसआईटी द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की है और पुलिस कर्मियों को इससे बाहर रखने का अनुरोध किया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस जांच कर रही है।
हाईकोर्ट ने वकीलों को निर्देश दिया कि अगर उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है, तो वे मजिस्ट्रेट के सामने सबूत पेश कर सकते हैं। याचिकाओं में बीजेपी और अन्य नेताओं के कथित भड़काऊ बयानों पर एफआईआर दर्ज करने, दंगों की योजना और कारणों की पूरी जांच के लिए विशेष बॉडी बनाने और नागरिकता संशोधन एक्ट विरोधी प्रदर्शनों की फंडिंग की जांच की भी मांग शामिल है। कोर्ट ने पुलिस से जांच का पूरा स्टेटस मांगते हुए अगली सुनवाई 21 नवंबर के लिए तय की।