नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने राजधानी में बंद पड़े अस्पतालों को जल्द शुरू करने तथा मोहल्ला क्लीनिकों में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने संबंधी मुद्दे पर केंद्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। याची ने तर्क रखा है कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर सरकार को पूरी तैयारी रखनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
याची ने सरकार को कोविड-19 में ड्यूटी के दौरान मृत्यु मामले में कर्मी के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी नीति तैयार करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने केंद्र और दिल्ली सरकार को याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। दिल्ली निवासी याची ने कहा कि दिल्ली में कई ऐसे अस्पताल हैं जो अभी तक निर्माणाधीन हैं ऐसे में इन सभी अस्पतालों के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया जाए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने आम लोगों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए मोहल्ला क्लीनिक खोले थे लेकिन कोविड के दौरान ये सभी बंद पड़े हैं। ऐसे में सरकार को इन कर्मचारियों का उपयोग टेली कंसलटेंट या कोविड केंद्रों की निगरानी के लिए किया जाना चाहिए और मोहल्ला क्लीनिक को पुन: शुरू कर आम लोगों को चिकित्सा प्रदान करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कोविड के दौरान ड्यूटी पर मौत मामले में कई लोगों को एक करोड़ रुपये बतौर मुआवजा प्रदान किया है लेकिन नीति स्पष्ट नहीं है। ऐेसे में सरकार को निष्पक्ष और पारदर्शी नीति बनाने का निर्देश दिया जाए। याची ने कहा कि यदि कोविड की तीसरी लहर को लेकर आवश्यक उपाय नहीं किए गए, तो कई लोगों की जान जा सकती है।