हाईकोर्ट ने डॉक्टरों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं देने पर उत्तरी निगम के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि क्यों न निगम आयुक्त के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए और निगम की संपत्ति जब्त की जाए।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ के समक्ष उत्तरी निगम ने कर्मचारियों को अब तक का वेतन प्रदान करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया। अदालत ने उनके तर्क पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने बार-बार आपको सभी कर्मचारियों का वेतन समय पर देने का निर्देश दिया है।
बावजूद इसके आदेश का पालन नहीं हो रहा। अदालत ने निगम के अधिवक्ता से पूछा कि अब आप ही बताएं कि क्या कार्रवाई की जाए। क्यों न निगम आयुक्त के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए और संपत्ति जब्त की जाए।
इससे पूर्व निगम के अधिवक्ता दिव्य प्रकाश पांडे ने तर्क रखा कि डॉक्टर, नर्स व मेडिकल स्टाफ का फरवरी माह तक का वेतन जारी कर दिया गया है, जबकि शिक्षकों व ग्रुप ए कर्मचारियों का जनवरी तक का भुगतान किया गया है।