नई दिल्ली। अदालत ने कहा कि आरोपी को अपनी पढ़ाई पूरी करने और जीवन में आगे निकलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अदालत ने यह टिप्पणी लूटपाट के आरोपी को जमानत प्रदान करने से इनकार करते लेकिन उसकी शिक्षा ग्रहण करने की इच्छा को देखते हुए 90 दिन की अंतरिम जमानत प्रदान करते हुए की।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने कहा कि आरोपी पर लूटपाट करने व घातक हथियार से हमला करने का गंभीर आरोप है। वहीं पुलिस की पेश रिपोर्ट से पता चलता है कि याचिकाकर्ता नंदन पुरी नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ ओपन स्कूलिंग-एनआईओएस से 12वीं कक्षा में पढ़ रहा है और उसने चार पेपर क्लियर किए हैं। इस अदालत की राय है कि याचिकाकर्ता को अपनी 12वीं कक्षा पूरी करने और जीवन में आगे निकलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा याचिकाकर्ता आईटीआई कोर्स में दाखिला लिया है जिसे उसने शुरू कर दिया है और अपनी कक्षाएं ऑनलाइन ले रहा हैं। ऐसे में वे उसे पढ़ाई करने के ध्यानार्थ 90 दिन की सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान करते हैं। अदालत ने उसे 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व एक अन्य जमानत पेश करने पर रिहा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने आरोपी को बिना मंजूरी दिल्ली से बाहर न जाने, प्रति सप्ताह थाने में हाजिरी लगाने व गवाहों को प्रभावित न करने का भी निर्देश दिया है।
पेश मामला थाना मधु विहार का है। पुलिसकर्मी गश्त पर थे। उन्होंने आईपी एक्सटेंशन पार्क में शोर सुना व मौके पर पहुंचने पर लोगों द्वारा एक युवक को पकड़े पाया। पीड़ित के भाई आशीष ने बताया कि वो अपने भाई के घूम रहा था कि कुछ युवकों ने अचानक हमला कर दिया व उनसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस व अन्य सामान लूट लिया व विरोध करने पर भाई को चाकू मार दिया।
पुलिस ने जांच के बाद नंदन के साथी गौरव व अभिषेक रावत को गिरफ्तार कर लिया जबकि तीसरे साथी सचिव को अदालत ने भगौड़ा घोषित कर दिया। सरकारी वकील ने हालांकि जमानत पर आपत्ति जताई थी कि महामारी में ऑनलाइन कक्षाएं चल रही है और आरोपी जेल से कक्षाएं ले सकता है। वहीं उस पर गंभीर आरोप हैं।