दो पहिया वाहन चालक की सुरक्षा के दृष्टिकोण से हेलमेट अहम है ऐसे में हेलमेट के निर्माण और बिक्री पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) को सख्त निगरानी रखनी चाहिए। अदालत ने कहा कि यह उपभोक्ताओं के सुरक्षा व हित से संबंधित है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने एक एनजीओ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। याचिका में कहा गया है कि एनजीओ ने 2019 से अभी तक 14 सौ से अधिक शिकायतें की हैं जिनमें हेलमेट के निर्माण और बिक्री में विभिन्न कथित अवैधता और अनियमितताओं के बारे में बताया गया है।
गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) उत्प्रेरित कंज्यूमर फाउंडेशन ने वकील तुषार ए जॉन के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा है कि बीआईएस हेलमेट के विनिर्माण और बिक्री की उचित तरीके से निगरानी नहीं कर रहा है।
अदातल ने उनका तर्क सुनने के बाद कहा कि यह देखते हुए कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा दांव पर है, हेलमेट के विनिर्माण और बिक्री की सख्त निगरानी और पर्यवेक्षण की जरूरत है। अदातल ने बीआईएस को निर्देश दिया कि वह एनजीओ की शिकायतों पर गौर करे और एक स्थिति रिपोर्ट दायर करे।