उच्च न्यायालय ने सोमवार को कांग्रेस नेता जगदीश शर्मा की कोविड के चलते पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव स्थगित करने की मांग याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने तर्क दिया था कि कोविड-19 का ओमिक्रॉन संस्करण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में चुनाव स्थगित करने का निर्देश दिया जाए।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने याचिका को तुच्छ याचिका बताते हुए याची से कहा क्या आप मंगल ग्रह पर रह रहे हैं। दिल्ली अब घटते मामलों से जूझ रही है। पीठ ने नाराजगी जताते हुए याची से पूछा कि आप याचिका वापस ले रहे हैं या हम इसे जुर्माने के साथ खारिज कर दे। अदालत के रवैये को देख याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस ले ली।
याची शर्मा ने कोविड-19 की तीसरी लहर का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित करने के निर्देश देने का आग्रह करते हुए तर्क रखा कि ओमिक्रॉन संस्करण तेजी से फैल रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को महामारी की तीसरी लहर के दौरान आवश्यक आपूर्ति और सेवाओं के वितरण की योजना पेश करने का भी निर्देश देने की भी मांग की।
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वह सरकारों को ऑक्सीजन की उपलब्धता और वितरण की योजना पेश करने का निर्देश दे और चुनाव आयोग को सभी पांच राज्यों में कुछ हफ्तों या महीनों के लिए चुनाव स्थगित करने का निर्देश दिया जाए।
उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से शुरू हो रहे हैं और सात मार्च को समाप्त होंगे। परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे। याचिकाकर्ता ने पिछले साल दूसरी लहर के दौरान हुई तबाही का हवाला दिया जब देश में वायरस तेजी से फैलने के कारण बेड और ऑक्सीजन की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई थी।