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मास्क न पहनने वाले यात्रियों के खिलाफ की जाए कार्रवाई, यात्रा पर प्रतिबंध भी किया जाए, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

Tue, 09 Mar 2021 09:38 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : pixabay
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उच्च न्यायालय ने विमान में यात्रियों के सही तरीके से मास्क न पहनने पर चिंता जताते हुए कड़ा संज्ञान लिया। इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी न्यायमूर्ति ने सभी घरेलू एयरलाइनों और डीजीसीए को नियमों का सख्ती से पालन करने व नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। 
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अदालत ने स्पष्ट किया कि जो यात्री नियमों का पालन  करने के लिए तैयार नहीं है उसे तुंरत विमान में जाने से रोका जाए, इतना ही नहीं उसके कुछ अवधि के लिए विमान यात्रा के प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।

न्यायमूर्ति हरिशंकर ने 5 मार्च को कलकत्ता से दिल्ली आने के दौरान विमान में पाया कि अधिकांश यात्रियों ने मास्क नहीं लगाया और जिन्होंने लगाया वे भी मास्क को अपनी ठोडी के नीचे तक ही लगाकर बैठे से थे। अदालत ने विमान कर्मचारियों के उस तर्क पर आश्चर्य जताया कि वे बार-बार यात्रियों को मास्क लगाने के लिए कहते है लेकिन यात्री इस बात पर ध्यान नहीं देते। 
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उन्होंने कहा कि यह कोरोना संक्रमण को बढ़ावा देने वाली प्रक्रिया है क्योंकि वातानुकूलित विमान में संर्कमण बढ़ने का खतरा ज्यादा है। यदि एक भी यात्री को संक्रमण हुआ तो पूरे विमान के यात्री इससे प्रभावित हो सकते है। उन्होंने इस तथ्य पर संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में मुख्य न्यायाधीश के पास भेजते हुए इस पर 17 मार्च को सुनवाई का आग्रह किया है।

उन्होंने विमानन महानिदेशायल (डीजीसीए) व एयर लाईस को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी घरेलू एयरपोर्ट पर मास्क लगाने के दिशानिर्देशों का सख्ती पालन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सरकार के दिशानिर्देशों के तहत ही मुंह और नाक को कवर करते हुए ही मास्क लगाना सुनिश्चित कराए।

उन्होंने कहा इन-फ्लाइट क्रू सदस्य समय-समय पर विमान के अंदर जाकर देखें कि यात्री मास्क पहने हुए हैं या नहीं। अगर कोई मास्क नहीं पहने हुए हैं तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इतना ही नहीं विमान में इस बात की उद्घोषणा भी की जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति हरिशंकर ने कहा कि विमान के अंदर यात्री एसी के पास बैठते हैं और अगर कोई एक व्यक्ति भी कोरोना संक्रमित है तो वह दूसरे वप्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। इतना ही नहीं अगर कोई बिना लक्षण वाला व्यक्ति विमान के अंदर है और वह बात करता है तो वह दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। अदालत ने कहा कि अभी भी देश में कोरोना महामारी की स्थिति पूरी तरह से ठीक नहीं है ऐसे में किसी भी यात्री को नियमों का उल्लंघन करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

अदालत ने कहा कि यह हर किसी का कर्तव्य है कि वह इस दिशा में योगदान दे और केंद्र और राज्य सरकारों पर उंगली न उठाए। हम में से प्रत्येक को  एक सचेत और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों के सदस्य के रूप में संवेदनशील और समान उपाय में संवेदनशील होना आवश्यक है। 
 
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अदालत ने विमान कंपनियों को तत्काल प्रभाव से अपनी वेबसाइट पर तय नियम व मास्क पहनना अनिवार्य संबंधी दिशा निर्देश जारी करे। साथ ही एयरलाइंस को निर्देश दिया कि वह विमान में मास्क लगाने संबंधी लिखित निर्देश जारी करे। अदालत ने डीजीसीए को कहा कि यात्री नियमों का पालन कर रहे है या नहीं इसकी जांच में लिए औचक निरीक्षण किया जाए।
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