नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने चार लोगों को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखने व उनकी पिटाई करने के मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने घटना के दिन की सीसीटीवी फुटेज को भी सुरक्षित रखने का निर्देेश पुलिस को दिया है। न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने पुलिस को घटना के संबंध में विस्तृृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 8 अप्रैल तय की है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता एम सुफियान सिद्दीकी ने अदालत को बताया कि कुछ लोगों के कहने पर चांदनी महल थाने की तुर्कमान गेट पुलिस चौकी पुलिस ने उनके मुवक्किल व अन्य तीन लोगों को 25 जनवरी को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया और बेरहमी से उनकी पिटाई की। पुलिस के पास उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई लिखित शिकायत भी नहीं थी। ये पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की पिटाई से उनके मुवक्किल को गंभीर चोटें आईं। न्याय के लिए वह अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। उसने 27 जनवरी को एक शिकायत भी दी थी लेकिन पुलिस ने न तो उचित समय में प्राथमिकी दर्ज की और न ही उक्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। ऐेसे में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई व संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की निगरानी में जांच का निर्देश दिया जाए।
वहीं पुलिस के अधिवक्ता ने याचिकाकर्ता के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि पूरा मामला पति-पत्नी के बीच विवाद का है। याचिकाकर्ता पति का भतीजा है, जो विवाद में शामिल है। अदालत ने सभी तथ्यों को देखने के बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई से पहले एक प्रति याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को देने का निर्देश दिया है।