नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने कोरोना बीमारी की वजह से मानसिक तनाव झेल रहे लोगों के इलाज को लेकर जल्द से जल्द टोल फ्री नंबर जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने दिल्ली सरकार को दो हफ्ते के भीतर चार डिजिट वाले टोल फ्री नंबर जारी करने को कहा है। अदालत ने यह निर्देश दिल्ली प्रदेश कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष अधिवक्ता सुनील कुमार की अवमानना याचिका याचिका का निपटारा करते हुए दिया है।
न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने सरकार को इस नंबर को मीडिया के माध्यम से प्रचारित करने को कहा है ताकि पीड़ित लोगों को यह आसानी से मिल जाए। अदालत ने कहा कि इससे मानसिक तनाव से गुजर रहे लोग अपने इलाज को लेकर संबंधित डॉक्टर से संपर्क कर सकें। अदालत ने नंबर को स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर डालने को भी कहा है।
इससे पूर्व सरकार ने अदालत को बताया कि उसने कोरोना महामारी के दौर में मानसिक तनाव से गुजर रहे लोगों के इलाज के लिए इहबास और जीपमर के सहयोग से टेली मेडिसिन सेवा की शुरुआत की है जो दो मोबाइल नंबरों पर उपलब्ध है। दोनों मोबाइल नंबर सार्वजनिक हैं जिस पर कोई भी फोन कर अपनी परेशानी बता सकता है। सरकार ने कहा कोरोना महामारी की वजह से तनाव में रह रहे लोगों के इलाज के लिए संवेदना नाम से टेली कॉलिंग काउंसलिंग सेवा चलाई जा रही है।
याची अधिवक्ता सुनील कुमार ने कोरोना महामारी की वजह से मानसिक दबाव में आए लोगों की इलाज के लिए जिला स्तर पर काउंसलिंग सेंटर स्थापना करने की मांग की थी।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने पिछले वर्ष जून महीने में दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वह दिल्ली काउंसलिंग सेंटर की स्थापना करने पर विचार करें। वहीं 24 घंटे काम करने वाले टोल फ्री टेली कॉलिंग सुविधा शुरू करने और उसका प्रचार मीडिया के माध्यम से कराने का भी निर्देश दिया था। याची ने आरोप लगाया था कि आदेश के बावजूद दिल्ली सरकार के कोई कदम नहीं उठाया।