नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या बार एसोसिएशनों को कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं से सीधे संपर्क करने की इजाजत प्रदान की जा सकती है ताकि 60 वर्ष से अधिक आयु के वकीलों को वैक्सीन प्रदान की जा सके। इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक आयु के वकीलों को भी यह मिल सके जो संक्रमण से पीड़ित रहे हैं।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा और केंद्र सरकार के अधिवक्ता अनिल सोनी से कहा कि वे इस मुद्दे पर केंद्र से निर्देश लेकर बताएं। मामले की सुनवाई 4 मार्च तय की है। कई वरिष्ठ वकीलों ने याचिका दायर कर कहा कि विभिन्न बार एसोसिएशन वैक्सीन निर्माता से सीधे संपर्क करने को तैयार हैं ताकि वैक्सीन लेकर दो श्रेणियों में वकीलों को वैक्सीन दी जा सके।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सोनी ने कहा कि सरकार एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों व संक्रमण से पीड़ित रहे 45 वर्ष से अधिक आयु वालों को वैक्सीन देना शुरू कर रही है। ऐसे में उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि वकील अलग से ऐसी मांग क्यों कर रहे हैं।
अदालत अधिवक्ता मानशवी झा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। उन्होंने सभी वकीलों को वैक्सीन न लगने तक हाईकोर्ट में 15 मार्च से शुरू होने वाले सामान्य कामकाज को स्थगित करने का आग्रह किया है। अदालत ने कहा कि वे सभी वकीलों को वैक्सीन देने के आग्रह पर सुनवाई नहीं कर सकती क्योंकि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।