ट्विटर पर सफल कैम्पेन चलाने के अलावा युवा-हल्लाबोल ने चेंज डॉट ओआरजी के माध्यम से एक ऑनलाइन पेटिशन की शुरुआत भी की है। इस मुहिम की शुरुआत करने वाले रजत यादव ने बताया कि अब तक ढाई हजार से ज्यादा लोगों ने पेटिशन पर हस्ताक्षर कर दिया है।
युवा-हल्लाबोल का नेतृत्व कर रहे अनुपम ने कहा है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द सभी राज्यों और जिला प्रशासनों को आदेश दे कि ऐसे व्यथित छात्रों का किराया तुरंत माफ किया जाए।
उन्होंने याद दिलाया कि गृह मंत्रालय ने 29 मार्च के एक आदेश में पहले ही कहा है कि कोई भी मकान मालिक अपने किरायेदार को लॉकडाउन के दौरान निकाल नहीं सकता है।
इसका मतलब ये हुआ कि असमर्थ किरायेदार अगर पैसे न दे पाएं तो भी मकान मालिक उन्हें निकाल नहीं सकता। ऐसे में अगर स्पष्ट शब्दों में किराया माफी का आदेश नहीं आता तो मकान मालिक और किरायेदार के बीच असमंजस और कई मामलों में झड़प की स्थिति बन सकती है।
अनुपम ने ये भी कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो एक रेंट माफी फंड बना सकती है। जिससे उन छोटे मकान मालिकों को भी मदद दी जा सकेगी, जिनके लिए मकान का किराया ही उनके गुजारे का एक मात्र साधन है।