नई दिल्ली। राजस्थान में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पर हमले की घटना के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने रविवार को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कई किसानों के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर हुंकार भरी। दोपहर बाद हुई महापंचायत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। अन्नदाता अहिंसक आंदोलन चलाते रहेंगे, चाहे सरकार कोई भी हथकंडा क्यों न अपनाए। इसका मतलब यह नहीं कि किसान कमजोर हैं। सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे।
महापंचायत के आह्वान पर गाजीपुर बार्डर पर हजारों की संख्या में किसान पहुंचे थे। रविवार को बार्डर पर युवाओं के मुकाबले बुजुर्गों की संख्या ज्यादा रही। नरेश टिकैत ने छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले की निंदा करते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। खाप चौधरियों के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने 11 से 12 बार किसानों को वार्ता के नाम पर बुलाकर मजाक करती रही। जब सरकार को पता चल गया कि किसान समझ गए हैं कि वार्ता के नाम पर उनके साथ मजाक हो रहा है तो बातचीत बंद कर दी गई। केंद्र साफ मन से बात करे तो इस समस्या का आसानी से हल निकल जाएगा।
आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश
टिकैत ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन वह हिंसा के कतई पक्षधर नहीं हैं। किसानों का काम धंधे का समय है, सरकार उनकी और परीक्षा न ले। उन्होंने दावा किया कि किसान आंदोलन में अब तक 300 किसानों की जान जा चुकी है।
--
छात्रों पर कार्रवाई के पक्ष में नहीं
भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि अलवर में राकेश टिकैत के काफिले पर हुए हमले में नामजद हुए छात्रों पर वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। उन्होंने राजस्थान सरकार से भी कहा है कि बच्चों को माफ करो। नरेश टिकैत ने कहा कि इस हमले से एक बात साफ हो गई है कि भाजपा से जुड़े लोग ही इसके पीछे थे। क्योंकि हमलावर छात्र एबीवीपी से जुड़े हैं।