नई दिल्ली। तिहाड़ जेल से निकलने के बाद छात्र कार्यकर्ता नताशा नरवाल ने कहा कि जेल में उन्हें जबरदस्त समर्थन मिला है और वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे। जेएनयू के छात्र नरवाल और कलिता ने अपने दोस्तों और शुभचिंतकों को धन्यवाद कहा। जिन्होंने उन्हें साल भर सलाखों के पीछे रहने के दौरान समर्थन किया। जिसमें से कई लोग जेल के बाहर इकट्ठा हुए।
जेल से बाहर निकलते ही नरवाल ने कहा कि उन्हें जेल के अंदर भी जबरदस्त समर्थन मिला है और हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे। महिला समूह पिंजरा तोड़ की कार्यकर्ता नरवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उन्हें जमानत देने के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर विश्वास करने में महीनों लग गए कि उन्हें गंभीर आरोपों के तहत जेल में बंद किया गया है।
कलिता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आवाज उठाने वालों को जेल में रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे लोगों की आवाज और असहमति को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें लोगों से बहुत समर्थन मिला, जिससे जेल के अंदर जीवित रहने में मदद मिली।
उन्होंने रिहाई में हुई देरी को लेकर कहा कि यह अविश्वसनीय था। क्योंकि उन्हें दो तीन दिन पहले ही जमानत मिली थी। फिर भी हम जेल के अंदर थे। तिहाड़ जेल से बाहर निकलते ही जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र तन्हा ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन रिहा कर दिया जाएगा। उन्होंने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही।