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सद्गुरु के खिलाफ भ्रामक सामग्री हटाने की कोशिश करे गूगल : हाई कोर्ट

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-गूगल की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कंपनी इस मामले में सहयोग को तैयार
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-सद्गुरु की टीम के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि विवादित लिंक और पोस्ट की पहचान कर उन्हें हटाया जा सके

संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। हाई कोर्ट ने गूगल को निर्देश दिया है कि वह सद्गुरु जग्गी वासुदेव के खिलाफ फैलाई जा रही फर्जी और भ्रामक जानकारी को हटाने के लिए जरूरी कदम उठाए। यह सामग्री सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फैल रही है, जिससे सद्गुरु की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। अदालत ने कहा कि गूगल को ऐसी तकनीक अपनानी चाहिए जिससे भविष्य में भी इस तरह की मिलती-जुलती सामग्री अपने आप पहचानी जाए और हटाई जा सके। इससे सद्गुरु या उनके प्रतिनिधियों को बार-बार गूगल से शिकायत करने की जरूरत न पड़े। गूगल की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि कंपनी इस मामले में सहयोग को तैयार है। सद्गुरु की टीम के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि विवादित लिंक और पोस्ट की पहचान कर उन्हें हटाया जा सके।
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अदालत ने गूगल और सद्गुरु की टीम को एक बैठक करने का भी निर्देश दिया है, जिसमें तय किया जाएगा कि कौन-कौन सी सामग्री गूगल की विज्ञापन नीतियों के अंतर्गत आती है और क्या हटाया जा सकता है। अदालत ने कहा, अगर गूगल को किसी तकनीकी दिक्कत या कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ता है, तो वह अदालत से स्पष्टीकरण मांग सकता है और हलफनामा दायर कर सकता है। इससे पहले, मई 2025 में भी अदालत ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए गूगल को भ्रामक सामग्री हटाने और संबंधित सोशल मीडिया चैनलों को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु ने अदालत में यह याचिका दायर की थी कि उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की जाए। झूठी व गलत जानकारी फैलाने वाले वीडियो, पोस्ट और विज्ञापनों को हटाया जाए।
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