1970 में बसा था गांधी नगर मार्केट, करीब एक हजार रुपये से शुरू हुआ था कारोबार।
. 1982 में जब पंजाब में उग्रवाद शुरू हुआ तो मार्केट ने अपना आकार बड़ा कर लिया।
. त्योहारी सीजन में प्रतिदिन करीब 200 करोड़ रुपये का बाजार इस मार्केट में होता है।
. गांधीनगर में औसतन टर्न ओवर प्रतिदिन का 100 करोड़ रुपया है।
. अधिकृत रूप से 10 हजार से अधिक दुकानें अकेले इस मार्केट में है।
. अनधिकृत रूप से 15-20 हजार दुकानें प्रतिदिन इस मार्केट में खुलती है।
. हर तरह के रेडीमेड गार्मेट वाला एशिया का सबसे बड़ा मार्केट है।
. लोकल से लेकर ब्रांडेड कपड़ों का हब है गांधीनगर
क्या है व्यापारियों की सबसे बड़ी परेशानी
. अतिक्रमण की समस्या से व्यापारी परेशान रहते हैं।
. सफाई और शौचालय की समस्या भी है बड़ी।
. रेहड़ी-पटरी पर बाजार सजने से भी है परेशानी।
. छोटी-छोटी गलियों में दुकान व नालिया टूटी पड़ी है।
. बारिश के दिनों में हल्का जलजमाव होता है।
. कोविड की वजह से कैश मनी का अभाव है।
. कोविड की वजह से कारीगरों की है कमी।
. जीएसटी के नियमों से भी है परेशान व्यापारी।