बटला हाउस में शहीद हुए इंस्पेक्टर मोहनचंद शर्मा समेत दिल्ली पुलिस के 16 अधिकारियों को वीरता के लिए गेलेंट्री अवार्ड मिला है। ये सभी अधिकारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में हैं या फिर रहे हैं। शहीद मोहनचंद शर्मा ऐसे अधिकारी बन गए हैं, जिन्हें अब तक सबसे ज्यादा बार गेलेंट्री अवार्ड मिला है।
शहीद मोहनचंद शर्मा ने अयोध्या में फिदायीन हमला करने वाले आतंकी को जम्मू में मार गिराया था। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तीन अधिकारियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक व 16 अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक देने की घोषणा की गई है।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता कार्यालय के अनुसार, डीसीपी मनीषी चंद्रा, एसीपी गोविंद शर्मा, शहीद इंस्पेक्टर मोहनचंद शर्मा, इंस्पेक्टर विनय कुमार, संजय गुप्ता, राजेश कुमार, कैलाश सिंह बिष्ट, धर्मेन्द्र कुमार, रविन्द्र जोशी, विनोद कुमार बड़ोला, एसआई बनै सिंह, अजयवीर सिंह, देवेन्द्र सिंह, एएसआई शिवमंगल यादव, एएसआई निसार अहमद सैक और एएसआई परवेश राठी को गेलेंट्री अवार्ड दिया गया है।
एसीपी गोविंद शर्मा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर संजय गुप्ता, इंस्पेक्टर राजेश कुमार व एसआई अजयवीर की टीम ने 12 वर्ष से फरार सोनू दरियापुर गिरोह के दो-दो लाख रुपये के इनामी दो गैंगस्टर संजय लाकरा और विजय सहरावत को मुठभेड़ के बाद आठ दिसंबर, 2018 को गिरफ्तार किया था। मौके पर 22 गोलियां चली थीं। इन्होंने तिहरे हत्याकांड के अलावा दिल्ली पुलिस के एएसआई की हत्या कर दी थी। एक सिपाही को गोली मार दी थी। इनके पास से 100 कारतूस समेत भारी मात्रा में हथियार मिले थे।
शहीद मोहनचंद शर्मा, कैलाश चंद्र बिष्ट, धर्मेन्द कुमार, देवेन्द्र सिंह, परवेश राठी व निसार की टीम ने दस नवंबर, 2017 को आतंकी सैफुल्लाह उर्फ कारी को जम्मू में एक घर में घेर लिया था। आतंकी ने गोलियां चला दी थीं। एक गोली एसआई देवेन्द्र को लगी थी। आतंकी को पकड़ने का ऑपरेशन करीब डेढ़ घंटे तक चला था। दिल्ली पुलिस के जवानों की गोलियां से जैश का ये आतंकी सैफुल्लाह ढेर हो गया था और इसके साथी आतंकी जफर इकबाल को गोलियां लगी थीं।
पाकिस्तान निवासी सैफुल्लाह जम्मू रीजन का डिवीजनल कमांडर था। उसे जैश चीफ मौलाना मसूद अजहर से भारत में आतंकी वारदात को अंजाम देने के आदेश मिलते थे। सैफुल्लाह ने अयोध्या में फिदायीन आतंकी हमला करवाया था।
वहीं डीसीपी मनीषी चंद्रा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रविन्द्र जोशी, इंस्पेक्टर विनोद कुमार बड़ोला व भरतपुर, राजस्थान निवासी एसआई बनै सिंह की टीम ने वसंत कुंज इलाके में गैंगस्टर सुरेन्द्र मालिक उर्फ नीतू दबोदिया व उसके दो साथियों आलोक गुप्ता व दीपक को मुठभेड़ में 24 अक्तूबर, 2013 को मार गिराया था। डीसीपी मनीषी चंद्रा ने खुद कार चलाई थी। बदमाशों की गोली से मनीषी चंद्रा बाल-बाल बच गए थे। नीतू ने दिल्ली पुलिस के हवलदार की गोली मारकर पहले हत्या कर दी थी।