पोलैंड में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक और उसके परिचितों से लाखों रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर जनकपुरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
मंगोलपुरी निवासी विरेंद्र चंद्र ने अपनी शिकायत में बताया कि वह दसवीं पास है और इस साल शुरू में नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने करण आर्या नाम के व्यक्ति से मिलवाया और बताया कि यह नौकरी दिलवा सकता है। करण ने विरेंद्र चंद को टोनी सिंह का मोबाइल नंबर दिया। नंबर पर संपर्क करने पर टोनी ने उसे पोलैंड में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया और करीब इसमें चार लाख रुपये खर्च आने की बात कही। उसने कहा कि उसके किसी अन्य परिचित को भी विदेश में नौकरी करना है तो उसे भी अपने साथ ले आये।
पीड़ित किराड़ी निवासी अपने परिचित त्रिलोकचंद के साथ जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास टोनी से मिला। टोनी ने इनसे पासपोर्ट और अन्य कागजात ले लिये। टोनी ने उन्हें 10-15 दिन में तीन लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा। पंद्रह दिन के बाद जब पीड़ित टोनी ने मिले तो उसने बताया कि वीजा तैयार हो गया है। उसने बाकी के ढाई लाख रुपये लेकर आने के लिए कहा। 20 दिन बाद वह टोनी से मिले और पैसे दे दिये। आरोपी ने उन्हें जल्द ही उन्हें विदेश भेजने का आश्वासन दिया।
कुछ दिन बाद आरोपी ने त्रिलोकचंद को एक कंपनी का नियुक्ति पत्र भी दे दिया। इस बीच विरेंद्र का राजस्थान में रहने वाला एक अन्यपरिचित शैल बिहारी ने भी टोनी से नौकरी के लिए संपर्क किया। टोनी ने उससे 2.77 लाख रुपये अपने खाते में मंगवा लिये। उसके बाद से वह पीड़ितों से दूरी बनाने लगा और फिर बाद में उन्हें धमकाने लगा। ठगी का एहसास होने पर 29 सितंबर को पीड़ितों ने जनकपुरी थाने में इस बाबत शिकायत की। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की धर पकड़ के लिए प्रयास कर रही है।