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नेताओं से काला धन दिलाने के नाम पर ठगी, एक और गिरफ्तार, आज पेशी

Sat, 01 Aug 2020 03:38 AM IST
नोएडा ब्यूरो पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निजी सचिव का करीबी बताकर ठगी के आरोपी वारदात के दौरान सरगना को उनका निजी सचिव बताकर पेश करते थे। ये लोगों को नेताओं व मंत्रियों का काला धन कम ब्याज पर दिलाने का झांसा देते थे।
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एक शिकायतकर्ता गृह मंत्रालय पहुंचा तो इस हाईप्रोफाइल गिरोह का खुलासा हुआ। ठग पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से जान-पहचान होने की बात कहते थे। पुलिस ने दो आरोपियों को रिमांड पर ले रखा है।

अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये 30 से ज्यादा लोगों से 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। इनके ज्यादातर शिकार प्रॉपर्टी डीलर व एक डॉक्टर हैं। ये उनसे कहते थे कि नेताओं व मंत्रियों के पास काफी काला धन है और वे उसे बैंक में जमा नहीं करा सकते। ऐसे में वे ये पैसा ब्याज पर देना चाहते हैं।
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एक प्रतिशत कमीशन लेकर ये नेताओं के पैसे उन्हें कम ब्याज पर दिलाने का झांसा देते। ये लोगों से पहली मुलाकात कांग्रेस मुख्यालय में करते थे। आरोपी भीम पंडित इसका इंतजाम करता और आगंतुकों को चाय आदि पिलवाता।

हालांकि, इन्होंने किसी भी पीड़ित को किसी नेता से नहीं मिलवाया था। इसके बाद ये पैसे की बात गदईपुर स्थित फार्म हाउस में करते थे। पैसा दिलाने से पहले ये पीड़ित से मोटी रकम हड़प लेते थे।

सरगना रितेश तिवारी ने गदईपुर में जिस फार्महाउस को किराए पर ले रखा था, वह हरियाणा की एक राजनीतिक पार्टी के नेता के भतीजे का है। रितेश तिवारी खुद को अमित शाह का निजी सचिव बताता था। आरोपियों ने प्रॉपर्टी डीलर रोहित खेतान से पैसा ठगा और उसका फोन उठाना बंद कर दिया।

इसके बाद रोहित खेतान गृह मंत्रालय पहुंच गया। तब जाकर इस हाईप्रोफाइल ठगी का खुलासा हुआ। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को जांच के आदेश दिए। पुलिस ने रितेश तिवारी व अमित शर्मा को रिमांड पर ले रखा है। दोनों को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एक और आरोपी को किया गिरफ्तार
अपराध शाखा ने गिरोह का 27 जुलाई को खुलासा करते हुए सरगना रितेश तिवारी (42), अजय जैन (50), भास्कर नाथ (25), अश्विनी कश्यप (53) और भीम पंडित (54) को गिरफ्तार किया था। भीम पंडित कांग्रेस मुख्यालय में क्लर्क था। पुलिस ने 29 जुलाई को अमित शर्मा को वैशाली से गिरफ्तार किया है। अभी कई आरोपियों की तलाश है। मास्टरमाइंड रितेश तिवारी ने फार्म हाउस किराए पर ले रखा था और रौब दिखाने के लिए बाउंसर रखे थे। इसके पास दो जिप्सी थीं, जिन पर पायलट व एस्कार्ट लिखा हुआ था। ये जिप्सी रितेश के आगे-पीछे चलती थीं।
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