दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार सुबह मुठभेड़ के बाद कपिल सांगवान और ज्योति बाबा गैंग के चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद जाफरपुर कलां इलाके से गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई पुलिस की गोली लगने से तीन बदमाश जख्मी हो गए।
सभी को काबू कर लिया गया। इनकी पहचान नजफगढ़, दिल्ली निवासी विनय (23), गांव मेहलाना, सोनीपत निवासी रॉबिन बालियान (19), गांव नंगल-शालू,महेंद्रगढ़ निवासी सुमित पुनिया (20) और मालिकपुर, जाफरपुर कलां, दिल्ली निवासी दीपांशु उर्फ दीपू डागर (19) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार पिस्टल व 10 कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि यह लोग रंगदारी न देने पर मालिकपुर गांव निवासी एक कारोबारी की हत्या करने आए थे। जांच के दौरान पता चला है कि कपिल सांगवान और ज्योति बाबा गैंग इन दिनों कारोबारियों को डरा धमकाकर रंगदारी वसूल कर रहे है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि पिछले काफी समय से दिल्ली एनसीआर में बदमाश कारोबारियों, बिल्डर व दूसरे पैसे वाले लोगों को धमकाकर रंगदारी मां रहे थे। रुपये न देने पर उन पर जानलेवा हमला किया जा रहा था। स्पेशल सेल की टीम लगातार इन बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। जांच के दौरान सोमवार सुबह टीम को सूचना मिली कि जाफरपुर कलां इलाके में नंदू-ज्योति बाबा गैंग कुछ बदमाश रंगदारी न देने वाले एक कारोबारी की हत्या करने आने वाले हैं।
जानकारी मिलने के बाद फौरन एक टीम का गठन किया गया। टीम ने जाफरपुर कलां में उजवा गांव से खरखड़ी गांव जाने वाली पर जांच शुरू कर दी। इस बीच दो बाइकों पर सवार होकर चार युवक वहां पहुंचे। जैसे ही मुखबिर ने आरोपियों की ओर इशारा किया। आरोपी वहां से भागने लगे। पुलिस की टीम आरोपियों के पीछे भागी तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग करना शुरू कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विनय, रॉबिन बालियान और सुमित पुनिया टांग में गोली लगने से जख्मी हो गए।
इन तीनों के अलावा चौथे आरोपी दीपू डागर को काबू कर लिया गया। इनके पास से चार पिस्टल व दस कारतूस बरामद किए गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्पेशल सेल थाने में इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान विनय ने खुलासा किया कि वह मालिकपुर में कारोबारी की हत्या को लिए आए थे।
विनय ही गैंग को हथियार उपलब्ध करवा रहा था। विकास उर्फ पीके ने रॉबिन बालियान को कारोबारी की हत्या का टास्क दिया था। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि विनय के खिलाफ 40 अपराधिक मामले दर्ज हैं। वह अपने गैंग लीडर्स के संपर्क में रहता था। आरोपी उस पर ही हमला करते थे जो रंगदारी देने से इंकार करते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।