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Delhi: जेन जी आंदोलन से प्रेरित था कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस ने कोर्ट को बताया, पांच दिन की पुलिस रिमांड

Sun, 22 Feb 2026 01:00 AM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली

सार

पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इन सभी को एक दिन पहले एआई इंपैक्ट समिट के कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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भारत मंडपम में भारतीय युवा कांग्रेस का प्रदर्शन - फोटो : X @IYC
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विस्तार
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इंडिया एआई इंपैक्ट समिट कार्यक्रम स्थल पर शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को शनिवार को पटियाल हाउस कोर्ट में पेश किया। दिल्ली पुलिस ने उनकी रिमांड की मांग करते हुए तर्क दिया कि आरोपियों ने राष्ट्र विरोधी नारे लगाए और नेपाल में जेन-जी के आंदोलन की तर्ज पर पर प्रदर्शन किया।

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पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दलील दी कि प्रदर्शन का उद्देश्य देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना था। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदर्शन किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) रवि ने दिल्ली पुलिस और अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया।

गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं में बिहार से यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण हरि, बिहार के आईवाईसी प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश के आईवाईसी प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना के नरसिम्हा यादव शामिल हैं। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर देश विरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी। पुलिस ने अदालत में कहा कि आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त करने और उनसे पूछताछ करने की जरूरत है। प्रदर्शनकारी अलग-अलग राज्यों से हैं, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है।
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साजिश और फंडिंग की जांच
पुलिस के मुताबिक, विरोध के दौरान रोकने की कोशिश में तीन लोग घायल भी हुए। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के पीछे किसी साजिश की जांच, फंडिंग के स्रोत और टी-शर्ट कहां छपी थीं, इसका पता लगाना जरूरी है। उधर, प्रदर्शनकारियों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। वकील ने कहा कि केवल विरोध करने पर गिरफ्तारी लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। पुलिस ने इनके खिलाफ लोक सेवक को आधिकारिक कर्तव्य निभाने से रोकने, लोक सेवक पर हमला करने, घृणास्पद भाषण देने, आपराधिक साजिश आदि के आरोप में मामला दर्ज किया है।

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