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Delhi News: पांच मंजिला इमारत अवैध, तीसरी मंजिल को दो सप्ताह की राहत

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अदालत ने एमसीडी को तीसरी मंजिल को छोड़कर अन्य तलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए
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एमसीडी से कहा कि मामले में याचिकाकर्ता को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध संपत्ति के एक मामले में संपत्ति मालिक को दो सप्ताह की राहत दी है। अदालत ने पांच मंजिला इमारत को एमसीडी द्वारा अवैध करार दिए जाने के फैसले पर टिप्पणी न करते हुए संपत्ति के एक हिस्से के मालिक को राहत दी है। अदालत ने पांच मंजिला इमारत की तीसरी मंजिल पर कार्रवाई से राहत दी है। हालांकि इमारत के अन्य हिस्सों पर कार्रवाई की स्वतंत्रता दी है। अदालत ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिए हैं कि वह अवैध निर्माण से जुड़े मामले में याचिकाकर्ता को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि चूंकि एमसीडी का दावा है कि विध्वंस आदेश पहले से जारी है लेकिन याचिकाकर्ता को यह नहीं मिला इसलिए दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। कोर्ट ने एमसीडी को दो दिनों के भीतर शो-कॉज नोटिस, विध्वंस आदेश और अन्य संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता को दस्तावेज मिलने के बाद दो सप्ताह के भीतर एटीएमसीडी में अपील दायर करने की छूट दी गई है। इस दौरान (दो सप्ताह और दो दिन) संपत्ति पर कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम संरक्षण केवल तीसरे फ्लोर के लिए है और अन्य फ्लोर पर एमसीडी कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।
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यह है मामला
यह मामला तुर्कमान गेट की गली वजीर बेग की संपत्ति नंबर 1846 का है। इसकी तीसरी मंजिल पर याचिकाकर्ता स्मिता साइमा बेगम का कब्जा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दायर रिट याचिका में कहा कि उन्होंने 31 जनवरी 2023 को पंजीकृत बिक्री दस्तावेज के माध्यम से संपत्ति का तीसरा फ्लोर खरीदा है। हाल ही में एमसीडी के अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया कि संपत्ति पर विध्वंस कार्रवाई की जाएगी। याचिकाकर्ता की वकील ने तर्क दिया कि पांचवें फ्लोर पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हो रही है लेकिन तीसरे फ्लोर पर कोई अनधिकृत निर्माण नहीं है। एमसीडी के वकील ने कहा कि पूरी संपत्ति (ग्राउंड फ्लोर से पांचवें फ्लोर तक) अवैध है। इसे 23 दिसंबर 2022 को बुक किया गया था और 5 जनवरी 2023 को विध्वंस आदेश जारी किया गया।
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