डीएमआरसी ने देश की पहली लाइट मेट्रो चलाने को तैयारी शुरू कर दी है। कीर्ति नगर से द्वारका सेक्टर-25 के बीच लाइट मेट्रो चलाने लिए दिल्ली सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मंजूरी के बाद प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा जाएगा। केंद्रीय आवास व शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा का कहना है कि लाइट मेट्रो की निर्माण व परिचालन लागत काफी कम होगी।
डीएमआरसी बोर्ड से पहले ही प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। कीर्ति नगर से द्वारका सेक्टर-25 के बीच 19 किलोमीटर की इस लाइन पर 21 स्टेशन होंगे। इसमें करीब 12 स्टेशनों के बीच की दूरी एक किमी से भी कम होगी। यह लाइन ब्लू लाइन के तीन स्टेशनों पर इंटरचेंज बनाएगी।
साथ ही दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के गांव भी मेट्रो नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। डीएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार दिल्ली मेट्रो की तुलना में इस तरह की मेट्रो लाइन बिछाने का खर्च 50 फीसदी तक कम आने की उम्मीद है। 19 किमी का कॉरिडोर बनाने में करीब 3,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, परिचालन लागत भी करीब एक तिहाई होगी।
अभी सालाना एक किमी तक मेट्रो चलाने में 300 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे हैं। जबकि लाइट मेट्रो में यह खर्च 100 करोड़ रुपये प्रति किमी होगा। अभी कीर्ति नगर से द्वारका के बीच लाइट मेट्रो चलाने का प्रस्ताव है। आगे चलकर मेट्रो फेज चार के शेष तीन कॉरिडोर पर भी लाइट मेट्रो चलाने की योजना है। प्रस्ताव के अनुसार, लाइट मेट्रो में तीन कोच होंगे।
जरूरत पर इसकी संख्या छह तक की जा सकेगी। प्रोजेक्ट पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने के बाद तीन साल में लाइट मेट्रो दौड़ने लगेगी। दुर्गाशंकर मिश्र का कहना है कि दिल्ली सरकार से प्रस्ताव पास होने पर केंद्र तेजी से इस दिशा में काम करेगा।
पहले कॉरिडोर के 21 स्टेशन
कीर्ति नगर, सरस्वती गार्डन, मायापुरी बस डिपो, मायापुरी, हरिनगर, एमआईए, एमआईए-2, तिहाड़ जेल, शिवपुरी, डाबड़ी विलेज, सीतापुरी एक्सटेंशन, महावीर एंक्लेव, द्वारका सेक्टर-2, द्वारका सेक्टर-7, द्वारका सेक्टर-6, द्वारका कोर्ट, द्वारका सेक्टर-20, द्वारका सेक्टर-23, धुल सिरस विलेज, ईसीसी द्वारका, बामनौली विलेज, द्वारका सेक्टर-25।