सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने पहले सामने वाले बैडरूम का दरवाजा तोड़कर 75 वर्षीय सोमीर को बचाया। इसके बाद घर अंदर एक कमरे में फंसे बेटे अग्निभा को बचाया गया। अग्निभा धुंए की चपेट में आ गया। फौरन उसे एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
दक्षिण दिल्ली के चितरंजन पार्क इलाके में सोमवार तड़के एक मकान में भीषण आग लग गई। पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दे दी गई। महिला ने पुलिस को बताया कि आग में अंदर उसके 75 वर्षीय पति व मानसिक रूप से बीमार 31 वर्षीय बेटा फंसा है।
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सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने पहले सामने वाले बैडरूम का दरवाजा तोड़कर 75 वर्षीय सोमीर को बचाया। इसके बाद घर अंदर एक कमरे में फंसे बेटे अग्निभा को बचाया गया। अग्निभा धुंए की चपेट में आ गया। फौरन उसे एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर हैं। समय पर बचाव होने की वजह से पिता-पुत्र की जान बच गई। बाद में दमकल की दो गाड़ियों ने घर में लगी आग पर काबू पाया। महिला पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रही।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि सोमवार तड़के 3.03 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक मकान में आग लग गई है। अंदर कुछ लोग फंस गए हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी एसआई निरंकार व बाकी स्टाफ के साथ आई-1600 नंबर में पहुंचे। वहां पुलिस को कल्याणी चटर्जी मिली। उन्होंने बताया कि घर के अंदर उनके पति सोमीर व मानसिक बीमार उनका बेटा अग्निभा फंसे हुए हैं। बेटे की गलती की वजह से घर में आग लगी है। अंदर से चिल्लाने की आवाजें भी आ रही थीं।
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देखते ही देखते आग भी बढ़ती जा रही थी। पुलिस ने बिना देर किए पीसीआर कर्मियों की मदद से फ्रंट साइड वाला दरवाजा तोड़कर सोमीर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन अग्निभा अंदर वाले कमरे में फंसा था। वहां तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं था। अंदर घर में बुरी तरह धुंआ भरा हुआ था। ऐसे में पुलिस की टीम ने हिम्मत दिखाकर अंदर दाखिल हुई सर्च लाइट की मदद से अग्निभा को ढूंढकर उसे निकाला गया। उसके पेट में धुंआ जा चुका था। फौरन उसे अस्पताल में भर्ती कराया। समय पर कार्रवाई की वजह से दोनों की जान बचा ली गई। बाद में दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। पुलिस मामला दर्ज कर आग के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।