बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में उपचाराधीन एक महिला ने रविवार सुबह चार लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाकर सनसनी फैली दी। उसने बताया कि फेफड़ों से पानी निकालने के बहाने पीपीई किट पहनकर आए चार लोगों ने वारदात को अंजाम दिया।
महिला के पति की सूचना पर उत्तरी जिले के सब्जी मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की, लेकिन देर शाम महिला ने आरोपों से इनकार कर दिया।
उधर, इस घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्र्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसने मेडिकल कराने से भी इंकार कर दिया है। बावजूद इसके सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से जांच कर रहे हैं। नर्स, वार्ड बॉय व अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।
वजीराबाद क्षेत्र में रहने वाली महिला को जुलाई के पहले सप्ताह में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उसकी सेहत में सुधार हुआ तो छुट्टी कर दी गई। वह टीबी की भी मरीज है।
फेफड़ों में पानी भरने पर दो अगस्त को उसे दोबारा बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार सुबह उसने पति को बताया कि शनिवार रात वह अपने वार्ड में मौजूद थी। इस बीच चार लोग पीपीई किट पहने वहां पहुंचे और उसके फेफड़ों से पानी निकालने की बात की।
इसके बाद में वे उसे अपने साथ ले गए और 10 से 11 बजे के बीच एक सुनसान कमरे में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पति ने पीसीआर को सूचना दी और इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची। महिला और अस्पताल स्टाफ से दिनभर पूछताछ की गई। इस दौरान महिला बार-बार बयान बदलती रही। उसने मेडिकल कराने से भी इंकार कर दिया।
बोली...अदृश्य महिला ने ऐसा कहने को कहा था
पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि शाम को महिला ने अपने साथ हुई घटना से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि एक अदृश्य महिला ने उससे ऐसा कहने को कहा था। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही। मनोचिकित्सक से जांच करवाई जा रही है।