टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन का पूरा दारोमदार हरियाणा की खापों के कंधों पर है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हरियाणा की खाप पंचायतें यहां किसानों के समर्थन में पहुंचती हैं तो रौनक होती है। खाप पंचायतें नहीं पहुंचतीं तो यहां सन्नाटा पसरा रहता है। टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन संयोजकों को इस बात की फिक्र भी है। रविवार को जहां टीकरी बॉर्डर पर कई खाप पंचायतों का समर्थन मिला था। लेकिन सोमवार को इनकी संख्या कम थी। जिसका असर यहां पर साफ नजर आ रहा था।
सोमवार को टीकरी बॉर्डर पर सामान्य भीड़भाड़ थी। दिनभर मंच पर भाषण और गीतसंगीत का सिलसिला चल रहा था। इस बीच टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन संयोजकों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। जिसमें फैसला लिया गया है कि एक 15 सदस्यों की कोर कमेटी का गठन होगा। जो कि हरियाणा के गांव-गांव जाकर लोगों को किसान आंदोलन में आने के लिये प्रोत्साहित करेगी।
किसान नेता विकास दूहन ने बताया कि एक 5 सदस्यों की अलग से कमेटी का गठन भी किया गया है। जो हरियाणा के सभी जिलों का दौरा करेगी और युवाओं को किसान आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेगी। अनूप सिंह चानौत ने कहा कि किसान आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से बढ़ाया जाय, इसके लिए लोगों की जिम्मेदारियां तय की जा रही है।