सरकार के साथ मुलाकात के बाद किसान नेता बोले, '15 जनवरी को सरकार द्वारा फिर से बैठक बुलाई गई है। सरकार कानूनों में संशोधन की बात कर रही है, परन्तु हम कानून वापिस लेने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।
एक ओर जहां विज्ञान भवन के अंदर किसान नेताओं और सरकार की बैठक चल रही है, वहीं विज्ञान भवन के बाहर लोगों को लंगर खिलाया जा रहा है।
किसान नेताओं और सरकार की बैठक जारी है। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि बैठक में सरकार ने दो टूक कह दिया है कि कृषि कानून वापस नहीं होंगे। बाकी अन्य विषयों पर चर्चा के लिए हम तैयार हैं।
किसान नेताओं और सरकार की आठवें दौर की बैठक शुरू हो गई है।
किसानों के साथ वार्ता के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर और पीयूष गोयल विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। अब कुछ ही देर में वार्ता शुरू होगी। इससे पहले ये दोनों नेता गृहमंत्री के आवास पर उनके साथ बैठक कर रहे थे।
किसानों के साथ बैठक से पहले गृहमंत्री अमित शाह के आवास पर बैठक हो रही है। इसमें कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी पहुंचे हैं। खबर है कि ये लोग किसान नेताओं की बैठक को लेकर चर्चा कर रहे हैं। इस बैठक में पीयूष गोयल भी शामिल हुए।
दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब के विधायक आज राहुल गांधी के आवास पर प्रियंका गांधी से मिले।
आठवें दौर की बैठक के लिए किसान नेता दिल्ली के विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। उनसे जब पूछा गया कि आप आज की बैठक को लेकर क्या सोचते हैं तो उन्होंने कहा कि बैठक के बाद बात करेंगे क्या होता है।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आठवें दौर की बातचीत से पहले कहा कि आज की वार्ता सकारात्मक माहौल में होगी और हम किसी न किसी हल पर जरूर पहुंचेंगे। वार्ता के दौरान दोनों ही पक्षों को कदम आगे बढ़ाने होंगे ताकि कोई हल निकले।
तीनों कृषि कानूनों पर केंद्र के साथ 8 वें दौर की वार्ता से पहले भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हम इस आशा के साथ बातचीत के लिए जा रहे हैं कि आज एक समाधान होगा।
दो बसों में बैठक किसान नेता आठवें दौर की बैठक के लिए दिल्ली के विज्ञान भवन रवाना हो गए हैं। यह लोग सिंघु बॉर्डर से निकले हैं।
कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, 'आज की बैठक में हम उम्मीद करते हैं कि आज शायद फैसला आ जाए, लेकिन अगर फैसला नहीं आया तो जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तब तक हमारा आंदोलन बढ़ता रहेगा, हम पीछे नहीं हटेंगे।'
केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि, पहले की वार्ता में किसान यूनियन के नेताओं का विषय था कि हम इसमें सुधार चाहते हैं। सरकार सुधार के लिए तैयार है। मुझे विश्वास है कि आज की वार्ता में वे इस बात को समझेंगे। किसान यूनियन के नेता सोचकर आएंगे कि समाधान करना है तो समाधान अवश्य होगा।
सरकार संग बैठक के लिए रवाना होने से पहले किसान नेता बलविंदर सिंह राजू ने कहा कि, धारा दर धारा बातचीत का अब कोई मतलब नहीं है। सरकार को इन कानूनों को रद्द करने के लिए आज ही बैठक करनी चाहिए।
आठवें दौर की बैठक से पहले किसान नेताओं का कहना है कि कल के एतिहासिक ट्रैक्टर मार्च का असर आज की बैठक में देखने को मिलेगा। उनका कहना है कि अगर आज की बैठक का कोई हल नहीं निकला तो हम अपनी बस में बैठेंगे और वापस आ जाएंगे और आगे के आंदोलन में और तेजी लाएंगे।
44वें दिन भी डटे हैं किसान
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान 44वें दिन भी डटे हुए हैं। दिल्ली के सिंघु, टिकरी, चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर समेत बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। कल के शक्ति प्रदर्शन के बाद आज किसानों की सरकार से आठवें दौर की वार्ता है।