केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन को डेढ़ महीने से ज्यादा का समय बीत गया है। आंदोलनरत किसानों की सेवा करने के लिए कई संगठन अलग-अलग प्रकार से मदद कर रहे हैं। दिल्ली के गुरुद्वारा शीश गंज साहिब के स्वयंसेवक किसानों के जूतों को पॉलिश करके उन्हें नया रूप दे रहे हैं।
स्वयंसेवक करतार सिंह ने बताया कि जिस प्रकार गुरुद्वारों में आए लोगों के जूतों को पॉलिश किया जाता है। वही कार्य यहां बॉर्डर पर भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में हर कोई अपने तरीके से योगदान दे रहा है।
उन्होंने सोचा कि अब वह भी बॉर्डर पर जाएंगे और इस प्रकार किसानों की सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों की सरकार से मांग है कि कृषि कानूनों को जल्द से जल्द वापस लिया जाए।
मिनी ऑडिटोरियम बनाया गया
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के लिए एक मिनी ऑडिटोरियम भी बनाया गया है। टेंट में बने इस ऑडिटोरियम में एक एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। यहां किसानों को देशभक्ति की फिल्में दिखाई जाती है। इसी स्थान पर एक लाइब्रेरी भी बनाई गई है । जहां कोई भी आकर किताबें पढ़ सकता है।