किसानों ने जाम किया डाबर तिराहा
गुजरात में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह को पुलिस द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिरासत में लेने के बाद यूपी गेट पर गुस्साए किसानों ने डाबर तिराहे के पास ट्रैक्टर लगाकर रोड जाम का प्रयास किया। इस सूचना पर एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह एसपी सिटी सेकंड ज्ञानेंद्र सिंह और सीईओ अंशु जैन समेत पुलिस बल तैनात हो गया।
बुलंदशहर में सिलिंडर पर माला चढ़ाकर विरोध कर रहे किसान
बुलंदशहर में कृषि कानून के विरोध में भाकियू का चक्का जाम जारी है। एनसीआर महासचिव मांगेराम के नेतृत्व में किसानों ने काला आम चौराहे को किया जाम, जनपद की अन्य तहसीलों में भी किसान कर रहे हैं प्रदर्शन। किसानों ने गैस की कीमतों और खाद की कीमतों के बढ़े दामों के खिलाफ सिलिंडर और खाद के कट्टे पर माला चढ़ाकर जताया विरोध।
गाजीपुर बॉर्डर पूरी तरह बंद होने से अन्य रास्तों पर बढ़ा दबाव
किसानों के दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली सड़क बंद करने के चलते अन्य बॉर्डर पर दबाव बढ़ गया है। डाबर तिराहे से वाहन को यूपी गेट की ओर नहीं आने दिया जा रहा है। इससे कौशाम्बी, वैशाली, लिंकरोड, मोहननगर, गौड़ ग्रीन एवेन्यू कट, खोड़ा नहर पुश्ता रोड पर भीषण जाम लगा हुआ है। कुछ दूरी का सफर तय करने में लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ रहा है।
जिस रोड को किया जाम, उसे साफ भी किया
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम लगाने के बाद किसान वहां फैले कूड़े को भी झाड़ू लगाकर साफ कर रहे हैं। बुजुर्ग और युवा किसानों के बीच महिलाएं और बच्चियां भी शामिल हुई हैं। किसानों ने बैरिकेडिंग लगाकर जाम लगा रखा है।
31 ट्रेनें स्टेशनों पर रोकी गईं, 4 शताब्दी ट्रेनें रद्द
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में किसानों के व्यापक भारत बंद को देखते हुए 31 ट्रेनें जिन स्टेशनों पर थीं उन्हें वहीं रोक लिया गया है। वहीं 4 शताब्दी ट्रेनों को रद्द भी कर दिया गया है।
चार मेट्रो स्टेशन किए गए बंद
ग्रीन लाइन के चार मेट्रो स्टेशन किसान आंदोलन के चलते बंद कर दिए गए हैं। इन स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारा दोनों बंद कर दिए गए हैं। इसका मतलब है कि मेट्रो यहां से गुजरेगी जरूर लेकिन रुकेगी नहीं। इन स्टेशनों में टिकरी बॉर्डर, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह शामिल हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर नाच-गा रहे किसान
प्रदर्शनकारी किसानों का एक समूह गाजीपुर बॉर्डर पर नाच गा रहा है। ये लोग होली के गीतों पर पारंपरिक नृत्य कर रहे हैं।
चक्का जाम के दौरान नहीं रोके जा रहे इमरजेंसी वाहन
जाम के दौरान आवश्यक सेवाओं के वाहनों को नहीं रोका जाने का एलान है। किसान जाम में फंसे लोगों को जलपान कराकर अपनी समस्या से अवगत करा रहे हैं। भारत बंद को सेंट्रर ऑफ इंटर ट्रेड यूनियन (सीटू) और अन्य कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि व्यापारियों ने शुक्रवार को देश में जगह-जगह ट्रक, बस, टैक्सी बंद करने का समर्थन दिया है। गैस सिलिंडर महंगा होने से महिलाएं भी परेशान हैं। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बजट बिगड़ गया है। बैंक कर्मचारी, बीमा कर्मचारी समेत अन्य पब्लिक सेक्टर कंपनियों में भी आंदोलन चल रहा है। इससे साफ हो गया है कि अब यह किसानों का जन आंदोलन बन चुका है।
दो जगह दिख रहा असर
सुबह छह से शाम छह बजे तक किसान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली लेन को बंद कर दिया है। उधर, मोदीनगर में मिल के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली और भैंसा-बुग्गी लेकर रोड जाम किया जाएगा। साथ ही किसान जगह-जगह प्रदर्शन भी करेंगे। इस दौरान फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, स्कूल गाड़ी, खाने-पीने के सामान की गाड़ी समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं के वाहनों को कहीं भी नहीं रोका जाएगा। इसके लिए जगह-जगह किसान वालंटियर भी तैनात रहेंगे। सभी को इस बारे में दिशानिर्देश भी दे दिए गए हैं।
दस ट्रेड यूनियन भाकियू के साथ
मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक के मुताबिक भारत बंद में किसानों को 10 ट्रेड यूनियन का समर्थन मिला है। जबकि भाकियू ने भी कर्मचारी संगठन, रेल यूनियन समेत अन्य संगठनों को समर्थन देकर उनके जरिए बस, ट्रेन और अन्य ट्रांसपोर्टेशन को बंद करने की बात कही है। प्रेस प्रभारी शमशेर राणा का कहना है कि भारत बंद को सफल बनाने में गौरव टिकैत, विपिन चौधरी, राजवीर सिंह जादौन और विजेंद्र सिंह, जगतार सिंह बाजवा समेत कई किसान नेताओं ने चर्चा की।
उत्तराखंड से 80 ग्रंथियों का जत्था पहुंचा यूपी गेट
यूपी गेट पर किसानों के समर्थन में उत्तराखंड के विभिन्न जगहों से करीब 80 ग्रंथियों का जत्था दो बसों से पहुंचा। सुबह में मंच पर जगतार सिंह बाजवा, प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन, चौ. ओमपाल मलिक व अन्य पदाधिकारियों ने सभी ग्रंथियों का सम्मान किया। इस बीच ग्रंथियों ने मंच पर गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ भी किया। वहीं, शहीद सरदार भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर भी यूपी गेट पहुंचीं। उन्होंने किसानों को संबोधन कर तीन कानूनों का विरोध किया। सरकार से किसानों के सम्मान में तीनों कानून वापस लेने की भी बात कही। उन्होंने करीब 10 मिनट तक किसानों को संबोधित किया। वहां जगतार सिंह बाजवा और अन्य पदाधिकारियों ने उनका सम्मान किया।