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खुद को आईपीएस अफसर बताकर महिलाओं को भेजता था अश्लील वीडियो, पकड़ा गया

Mon, 02 Dec 2019 01:42 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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fraud ips - फोटो : अमर उजाला
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कोटला मुबारकपुर थाना पुलिस ने खुद को आईपीएस अफसर बताकर महिलाओं को अश्लील क्लिप व मेसेज भेजे वाले आरोपी को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी गौरीशंकर के रूप में हुई है।

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वह पीड़िताओं को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा भी देता था। अभी तक की जांच में ये बात सामने आई कि वह पूरे देश में 12 से ज्यादा महिलाओं को अश्लील मेसेज व वीडियो भेज चुका है। पुलिस ने फर्जी आईपीएस अफसर के पास से दो मोबाइल व चार सिमकार्ड बरामद किए हैं। आरोपी ने फर्जी आईडी पर सिमकार्ड ले रखे थे।

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार एक युवती ने 25 नवंबर को कोटला मुबारकपुर थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि एक व्यक्ति उसे पिछले एक महीने से मोबाइल पर अश्लील वीडियो, पोर्न फिल्म व मेसेज भेज रहा है।
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आरोपी लगातार उसे फोन भी करता है और बदतमीजी से बात कर वीडियो कॉल भी करता है। कोटला मुबारकपुर थाना पुलिस ने युवती की काउंसलिंग कराई। इसके बाद युवती ने पुलिस को शिकायत दी। छेड़छाड़ आदि का मामला दर्ज कर कोटला थानाध्यक्ष अजय सिंह नेगी की देखरेख में महिला एसआई स्नेहलता, महिला एसआई नीतू बिष्ट और हवलदार नरेश की टीम ने जांच शुरू की।

इस टीम ने जब आरोपी से बात की तो उसने खुद को आईपीएस अफसर बताया। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता लगा कि आरोपी ने गुजरात के आनंद नामक व्यक्ति के नाम पर सिम कार्ड ले रखा है।

जांच में ये भी पता लगा कि आरोपी 12 से ज्यादा महिलाओं को अश्लील वीडियो व मेसेज भेज रहा था। पीड़ित महिलाएं यूपी, जींद, हरियाणा, दिल्ली व पश्चिमी बंगाल की हैं। पुलिस ने पीड़ित महिलाओं से बात की तो उन्होंने अश्लील वीडियो व मेसेज मिलने की बात कही।

आखिरकार पुलिस टीम ने आरोपी गौरीशंकर (38) को गांव मुल्लाहेरी, सेक्टर-22, गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। गौरीशंकर मूलरूप से गांव व पोस्ट नदवा बिशुनपुर, जिला कुशीनगर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पीड़िताओं का कहना है कि आरोपी खुद को यूपी पुलिस का एसपी बताता था।

मोबाइल दुकान चलाने से महिलाओं के नंबर मिल गए थे
आरोपी गौरीशंकर ने बताया कि वह पिछले चार महीने से गार्ड की नौकरी कर रहा था। इससे पहले गुरुग्राम स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी में सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी कर रहा था। पहले वह कुशीनगर, यूपी में मोबाइल की दुकान चलाता था। इस कारण उसके पास महिलाओं के मोबाइल नंबरों का डाटा था। करीब चार-पांच वर्ष पहले उसका एक्सीडेंट हो गया था।

इलाज में उसकी जमापूंजी खर्च हो गई थी। इसके बाद वह सउदी अरब गया, मगर मेडिकल परेशानी के चलते उसे वहां काम की अनुमति नहीं दी गई। करीब छह-सात महीने पहले ही वह दिल्ली वापस आ गया और सिक्यूरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा। वह महिलाओं को फर्जी आईडी से लिए गए सिम से कॉल करता था। आरोपी दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। पुलिस ने एक टीम गुजरात भेजी है जो कि ये पता लग सके कि गुजरात के व्यक्ति की आईडी गौरीशंकर के पास कैसे आ गई।

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