हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने के लिए अब ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। यह काम ऑनलाइन किया जा सकता है। लेकिन इसमें सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि बाजार में नकली हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट आ चुकी हैं। ऐसे में जरूरी है कि ऑनलाइन बुकिंग के लिए सही माध्यम चुना जाए।
सरकार के पैनल में शामिल हाई सिक्यॉरिटी नंबर प्लेट बनाने वाली कंपनियों ने नकली नंबर प्लेट के बढ़ रहे मामलों से बचने के लिए अब एक वेबसाइट बनाई है। www.siam.in. यहां एक प्रक्रिया के तहत आप हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के लिए आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के दौरान 12 की जगह 6 विकल्प में ही अपनी जानकारी भरनी होगी।
हाई सिक्यॉरिटी नंबर प्लेट ग्राहक के लिए 700-750 रुपये में उपलब्ध है। हाई सिक्यॉरिटी नंबर प्लेट लेने के दौरान यह ध्यान रहे कि उस पर लेजर नंबर होना जरूरी है। यह वाहन के नंबर के नीचे साइड में लिखा रहता है। इसे चेक करने के बाद ही नंबर प्लेट लें।
चालान का डर
कई वाहन डीलर बुकिंग के बाद भी समय पर हाई सिक्योरिटी नंबर (एचएसआरपी) प्लेट मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। लोगों को दो से चार माह का समय दिया जा रहा है। वहीं, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए कई जगह कुछ समय की छूट दी गई है। ऐसे में वाहन स्वामी परेशान हैं कि यदि समय से नंबर प्लेट नहीं लगी तो उनका चालान किया जाएगा।
एचएसआरपी होलोग्राम का स्टीकर भी जरूरी
गाड़ी के फ्रंट शीशे पर ही कलर कोडेड स्टीकर्स के साथ एक क्रोमियम बेस्ड होलोग्राम का स्टीकर भी लगेगा जिस पर वाहन के इंजन और चेसिस नंबर होते हैं। यह नंबर प्रेशर मशीन के जरिए लिखा जाता है। प्लेट पर एक तरह का पिन होगा जो आपके वाहन से जोड़ेगा। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अपराधों के साथ कार चोरों पर भी लगाम लगाएगा।
कलर कोडेड स्टीकर्स भी है अनिवार्य
कलर कोडेड स्टीकर ईंधन की परख के लिए लगाया जाएगा ताकि दूर से ही पता चल सकेगा कि आपकी गाड़ी पेट्रोल से चलती है या डीजल से। इसी आधार पर कलर कोडिंग की जाएगी। पेट्रोल और सीएनजी के लिए नीले रंग स्टीकर है तो डीजल के लिए ऑरेंज कलर का स्टीकर है।