विधानसभा अब सिर्फ कानून बनाने की जगह नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का बड़ा केंद्र बनने जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यहां जल्द ही ई-संग्रहालय और लाइट एंड साउंड शो शुरू किए जाएंगे।
विधानसभा अब सिर्फ कानून बनाने की जगह नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का बड़ा केंद्र बनने जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यहां जल्द ही ई-संग्रहालय और लाइट एंड साउंड शो शुरू किए जाएंगे, जिनमें आजादी के आंदोलन और भूले-बिसरे राष्ट्रनायकों की कहानियों को दिखाया जाएगा।
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विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शोध प्रकोष्ठ परम्परा लेखन समिति के प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा भवन की लोकतांत्रिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विजय शर्मा ने किया। इस दौरान अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली विधानसभा केवल एक विधायी संस्था नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और स्वतंत्रता संग्राम की जीवंत धरोहर है। उन्होंने बताया कि विधानसभा परिसर में विधायी ई-संग्रहालय और लाइट एंड साउंड शो विकसित करने के लिए काम चल रहा है। इसके जरिए स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कम चर्चित अध्यायों और कई भूले-बिसरे राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
वर्तमान से विरासत के सफर को समझाया
दौरे में प्रतिनिधिमंडल को पद्म भूषण अनुपम खेर की आवाज में तैयार वीर विठ्ठलभाई पटेल के जीवन और संसदीय योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। एक शताब्दी यात्रा नाम की कॉफी टेबल बुक पर आधारित फिल्म भी दिखाई गई। इसमें इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल और सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली से लेकर वर्तमान दिल्ली विधानसभा तक के सफर को दिखाया गया है। लोगों को भवन के ऐतिहासिक महत्व, संसदीय परंपराओं और सदन की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।