राजधानी में इन दिनों सुबह-शाम चल रही ठंडी हवाओं के कारण बढ़ते पारे के क्रम में कमी आई है। इस वजह से दिल्लीवासियों को फौरी तौर पर गर्मी से राहत मिली है। इस कड़ी में न्यूनतम व अधिकतम तापमान में पहले के मुकाबले कम इजाफा रहा है। साथ ही सूरज ढलने पर हल्की ठंड का एहसास एक फिर होने लगा है। अगले 24 घंटों में भी मौसम साफ रहेगा और दिन में तेज धूप खिलने की संभावना है। हालांकि, पारे में कम वृद्धि की संभावना है।
दरअसल, इन दिनों पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इस वजह से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी ठंडी हवाओं के रूप में देखने को मिल रहा है। इस वजह से इसे विदाई लेती हुई सर्दी का आखिरी रंग भी माना जा रहा है। हालांकि, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ होने के कारण यह राहत लंबे समय तक नहीं बने रहने वाली है। क्योंकि, एक दिन पहले ही मौसम विभाग ने इस बार मार्च से लेकर मई तक अधिक गर्मी पड़ने की चेतावनी जारी है। इस माह के अंत तक ही तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, औसत तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान लगाया गया है।
प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से दो अधिक 28.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो अधिक 15.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी के स्तर में कमी आई है। इस कड़ी में अधिकतम स्तर 88 व न्यूनतम 44 फीसदी रहा। वहीं, दिल्ली का स्पोर्ट्स कांप्लेक्स इलाका 30.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा।
गौरतलब है कि इस बार फरवरी में ही गर्मी ने सर्दी को अपनी आगोश में ले दिल्लावासियों के पसीने छुड़ा दिए थे। फरवरी का आखिरी दिन ही पिछली एक सदी में दूसरी बार सबसे गर्म दर्ज किया गया था। इसकी शुरुआत गत 10 फरवरी से ही 30 के पारे के साथ हो गई थी। यही वजह रही कि पूरी सर्दी के माह दोपहर में लोग कड़ी धूप से बचते नजर आए।
औसत श्रेणी में दिल्ली-एनसीआर की हवा
मौसमी परिस्थितियों में हुए बदलाव की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा औसत श्रेणी में दर्ज हुई है। अगले 24 घंटों में भी हवा की गुणवत्ता में यथावत रहेगी। इसके बाद बृहस्पतिवार से इसमें बदलाव होने के साथ बिगड़ने की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलावर को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 175 दर्ज हुआ। वहीं, फरीदाबाद, नोएडा व गुरुग्राम की हवा भी इसी श्रेणी में दर्ज हुई। हालांकि, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा की हवा खराब श्रेणी में बनी रही। सफर के मुताबिक, इन दिनों वेंटिलेशन इंडेक्स का साथ देने व हवा की रफ्तार तेज होने की वजह से इसका असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा है। अगले 24 घंटों में भी यही स्थिति रहेगी। इसके बाद हवा के बिगड़ने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में पीएम 10 का स्तर 169 व पीएम 2.5 का स्तर 65 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया।