-2014-15 में खर्च 6555 करोड़ था, 2020-21 में 15,102 करोड़ रुपए हुआ
-डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ाए कदम, 2019-20 में 97.56 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा
दिल्ली सरकार स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए खर्च करने में दरियादिली दिखा रही है। सरकार ने लगभग 97.56 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराकर डिजिटल इंडिया की ओर भी कदम बढ़ाए हैं। डिजिटल लर्निंग के लिए 10,949 विद्यार्थियों को कंप्यूटर टैबलेट उपलब्ध कराए गए। दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट यह दर्शाती नजर आ रही है। सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में साल दर साल खर्च करने में इजाफा किया।
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वर्ष 2014-15 में सरकार शिक्षा पर 6145 करोड़ रुपये खर्च कर रही थी जो कि 2020-21 के लिए 13,867 करोड़ रुपये हो गया है। शिक्षा पर प्रति विद्यार्थी खर्च (वार्षिक) 2016-17 में 50.812 था जो कि 2020-21 में बढ़ोतरी के साथ 78.082 होने का अनुमान है। यह दिल्ली में साक्षरता की दर 86.2 प्रतिशत है, जो 2011 की जनगणना के अनुसार अखिल भारतीय स्तर की 73 प्रतिशत की दर से काफी अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में वर्ष 2016-17 में स्कूलों की संख्या 5772 थी जो 2019-20 में बढ़ कर 5691 हो गई। वहीं स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिलों की संख्या 2016-17 में 44.43 लाख थी जो कि 2019-20 में बढ़कर 44.76 फीसदी हो गई।
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वर्ष 2019-20 में ग्यारवीं व बारहवीं के लिए एंटरप्रिन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया गया। इसके तहत 1000 रुपये प्रति छात्र उपलब्ध कराई गई। इस स्कीम के तहत 2019-20 में 8 लाख विद्यार्थियों को लाभ हुआ।
उच्च व तकनीकी शिक्षा दिल्ली में उच्च शिक्षा संस्थान 2014-15 में 207 से बढ़कर 2020-21 में 222 हो गए। दिल्ली में तकनीकी संस्थानों की संबव्या में भी मी देखी गई 2015-16 में 101 संस्थान थे, 2018-19 में इनकी संख्या 110 थी जो कि 2020-21 में घटकर 77 हो गई। संस्थान की संख्या घटने के कारण विद्यार्थियों की संख्या में भी कमी देखी गई। वर्ष 2016-17 में जहां विद्यार्थियों की संख्या 34,195 थी जो कि 2020-21 में 25,022 हो गई।