-पहली बार 2.20 लाख पंजीकरण हुए, 75 हजार ने किया फीस का भुगतान
-दाखिला लेने की तिथि 15 सितंबर से बढ़ाकर 15 अक्तूबर की गई
-हर साल 1.20 लाख से लेकर 1.30 लाख तक होते हैं दाखिले
-दाखिला लेने की तिथि एक महीने बढ़ने से भी पड़ेगा असर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में इस साल स्नातक कोर्सेज में दाखिला लेने वालों का रिकॉर्ड बन सकता है। दरअसल जून से शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया के तहत अब तक 2.20 लाख पंजीकरण हो चुके हैं। पहली बार इतनी संख्या में पंजीकरण हुए हैं। वहीं दाखिला लेने की अंतिम तिथि को भी बढ़ाकर 15 अक्तूबर कर दिया गया है। ऐसे में ना केवल पंजीकरण का आंकड़ा बढ़ेगा बल्कि फीस भुगतान करने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ेगी। इस बार दाखिलों की संख्या 1.50 लाख से पार जाने की संभावना है।
डीयू के एसओएल में पंजीकरण करा चुके 2.20 लाख में से 75 हजार छात्रों ने फीस का भुगतान कर दाखिला पक्का कर लिया है। बीते सालों में पंजीकरण करने वालों की संख्या 1.70 लाख से लेकर 1.80 लाख तक रही है। इसमें से करीब 1.20 लाख छात्र दाखिला ले लेते हैं।
कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग (सीओएल) की निदेशक प्रो पायल मागो ने बताया, अब तक छात्रों से दाखिले को लेकर अच्छा रिस्पांस मिला है। फिर वह चाहें नए कोर्सेज हों या पुराने। अभी नियमित कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। इसके समाप्त होने के बाद छात्र दाखिला नहीं होने पर एसओएल का ही रुख करेंगे। प्रो मागो ने कहा कि ऐसे में हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल दाखिला लेने वालों की संख्या 1.59 लाख तक चली जाए। यदि ऐसा होता है तो हमारे यहां यह दाखिले का एक रिकॉर्ड होगा। उन्होंने कहा कि आवेदन करने वालों की संख्या इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि दाखिला पोर्टल सुचारु रूप से चल रहा है, छात्रों के पास दाखिला लेने वाले प्रोग्राम के ज्यादा विकल्प हैं। इस बार उन्हें पहले से पता है कि उन्हें पहले से अंतिम वर्ष तक क्या पढ़ना है। एसओएल में बीए प्रोग्राम में ही सर्वाधिक दाखिले हो रहे हैं। इस प्रोग्राम की योग्यता सिर्फ 12वीं में पास होना है। इसलिए इस कोर्स में सबसे ज्यादा दाखिले होते हैं।