महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय को रोजगार से जोड़ने और परिवहन क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही ‘दुर्गा’ योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत राजधानी में 1100 इलेक्ट्रिक ऑटो परमिट जारी किए जाएंगे। इनमें 1000 परमिट महिलाओं और 100 परमिट ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षित होंगे। योजना का पूरा नाम ‘ड्राइविंग अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वुमेन, ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो’ (दुर्गा) है। योजना के तहत चलने वाले सभी ई-ऑटो गुलाबी रंग के होंगे। महिला और ट्रांसजेंडर चालक विशेष पहचान पत्र, जैकेट और कैप के साथ सेवाएं देंगी। सरकार का कहना है कि यह पहल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ उन्हें सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में नई पहचान देगी।
ये कर सकेंगी आवेदन
योजना के लिए आवेदक की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये तक रखने का प्रस्ताव है। परिवार के पास पहले से कोई व्यावसायिक तिपहिया वाहन नहीं होना चाहिए और एक परिवार से केवल एक महिला आवेदन कर सकेगी। विवाहित महिला आवेदकों के बच्चों की आयु 18 वर्ष से कम होनी चाहिए।
चार्जिंग व पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी
सुरक्षा के लिए ई-ऑटो पर महिला हेल्पलाइन और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। समाज कल्याण विभाग लाभार्थियों को ड्राइविंग, सॉफ्ट स्किल्स और ग्राहक व्यवहार का प्रशिक्षण देगा। वहीं, डीएमआरसी, एनसीआरटीसी और रैपिड रेल स्टेशन क्षेत्रों में चार्जिंग सुविधाएं विकसित करेंगे, जबकि एमसीडी पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करेगी
तीन वर्ष तक नहीं कर सकेंगी हस्तांतरण
योजना में तीन वर्ष की लॉक-इन अवधि रखी गई है, ताकि इसका दुरुपयोग न हो। इस दौरान वाहन का हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा। बाद में भी ई-ऑटो केवल किसी अन्य महिला या ट्रांसजेंडर को ही हस्तांतरित किया जा सकेगा।