देशभर में कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। इस महामारी के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी व अधिकारी जान गंवा चुके हैं। वहीं तीसरी लहर की आंशका को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमर कस ली है। जानकी देवी व हंसराज कॉलेज ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने कैंपस में 100 ऑक्सीजन बेड के कोविड-19 केयर सेंटर शुरू करने की पेशकश की है। वहीं, डीयू कैंपस में एक ऑक्सीजन प्लॉंट लगाने की तैयारी चल रही है। इस प्लांट के लगने से प्रतिदिन 50 से 80 सिलिंडर भरे जा सकेंगे। यह पीएसए टेक्नॉलॉजी पर आधारित होगा, जिसके लिए विभिन्न वेंडर से बातचीत जारी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि महामारी की तीसरी लहर की तैयारी के लिए वित्तीय व अन्य सहायता के लिए योजना बनाई जा रही है। प्रशासन के अनुसार जानकी देवी कॉलेज व हंसराज कॉलेज ने अपने कैंपस में कोविड केयर सेंटर शुरू करने की पेशकश की है। वहीं कैंपस हॉस्टल में भी 200 बिस्तर का कोविड सेंटर बनाने की योजना है। इसके लिए बिस्तरों, चिकित्सा उपकरणों, ऑक्सीजन की आपूर्ति, जनरेटर, दवाओं व भोजन की सुविधा, डॉक्टर व नर्सों की भी आवश्यकता होगी।
डीयू अपने तीन हेल्थ सेंटरों में सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभिन्न लैब से टेस्टिंग के लिए एमओयू भी साइन करने की योजना पर काम कर रहा है। 500 प्लस ऑक्सीमीटर, 240 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और 100 थर्मल स्कैनर की व्यवस्था भी की जा रही है। विश्वविद्यालय का कहना है कि महामारी के दौरान रिसर्च को प्रमोट करने के लिए अपने इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस अनुदान से शिक्षकों को लगभग 165 अनुदान भी दिए गए हैं। वहीं, कोविड से निदान के लिए रेपिड पीसीआर आधारित टेस्ट की खोज की है जिसके जल्द ही मार्केट में आने की उम्मीद है।