नई दिल्ली। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के कुलपति प्रो. योगेश सिंह अगले पांच साल का सेवा विस्तार दिया गया है। उपराज्यपाल और डीटीयू के कुलाधिपति अनिल बैजल ने प्रो. योगेश सिंह के सेवा विस्तार के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। दिल्ली सरकार ने कुलपति प्रो. सिंह के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए सेवा विस्तार का प्रस्ताव भेजा था। विवि प्रशासन ने बृहस्पतिवार को इसकी सूचना जारी की।
प्रो. सिंह कहते हैं कि मेरा सपना है कि डीटीयू को अगले कुछ वर्षों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 300 संस्थानों में शुमार करवा सकूं। इसके तहत छात्र-शिक्षक अनुपात में सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्लेसमेंट और स्टार्टअप, रिसर्च, इनोवेशन, मार्केट की डिमांड के आधार पर कोर्स शुरू करने के अलावा सीटों में बढ़ोतरी करना भी शामिल है।
दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज से डीटीयू बनने के बाद प्रो. सिंह को तीसरे कुलपति के रूप में जिम्मेदारी मिली थी। प्रो सिंह इससे पहले वर्ष 2014 से 2017 तक नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली के निदेशक पद पर रहे थे। इससे पहले 2011 से 2014 तक महाराज सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा के भी कुलपति रह चुके हैं।
प्रो. योगेश सिंह इनके अतिरिक्त भी अन्य कई महत्वपूर्ण निकायों में शीर्ष पदों पर काम करते रहे हैं। वह गुजरात के गांधीनगर में सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र के अध्यक्ष भी रहे हैं। राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद की कार्यकारी समिति के सदस्य रहने के अलावा वह गुजरात स्टेट पेट्रो नेट लिमिटेड और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के निदेशक भी रह चुके हैं।
वह अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) भोपाल की केन्द्रीय क्षेत्रीय समिति के चेयरमैन और भारतीय विश्वविद्यालय संघ की शासी परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने 2001 से 2006 तक गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन और 2006 से 2011 तक परीक्षा नियंत्रक व छात्र कल्याण निदेशक के पदों पर भी काम किया है।