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डीटीसी के चालक ने पत्नी और बच्चों की हत्या कर खुदकुशी की

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नई दिल्ली। रोहिणी के नाहरपुर इलाके में बृहस्पतिवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। डीटीसी बस के एक चालक ने अपनी पत्नी और दो दिव्यांग बच्चों की गला रेतकर हत्या करने के बाद फंदे पर लटककर जान ने दे दी। उसके पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने जिंदगी को बेहतर नहीं कर पाने की वजह से मौत को गले लगाने की बात लिखी है।
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मृतकों की शिनाख्त धीरज यादव (31), उसकी पत्नी आरती (28), बेटा हितेन (6) और आर्थव(3) के रूप मेें हुई है। धीरज डीटीसी में बतौर ड्राइवर काम करता था। वह नाहरपुर में अपने मकान की दूसरी मंजिल पर परिवार के साथ रहता था। धीरज के पिता महा सिंह अपनी पत्नी सुदेश रानी के साथ भूतल पर जबकि उसका बड़ा भाई नीरज अपने परिवार साथ पहली मंजिल पर रहता था। नीरज आंबेडकर अस्पताल में कार्यरत है।
पिता महा सिंह के मुताबिक धीरज रोज सुबह काम पर जाता था। बृहस्पतिवार सुबह जब वह नहीं उठा तो उसे जगाने के लिए पिता दूसरी मंजिल पर गए। काफी देर तक खटखटाने पर किसी ने दरवाजा नहीं खोला। तब महा सिंह वहां रखे एक ड्रम पर चढ़कर रोशनदान से कमरे में देखा। धीरज को पंखे से लटकता देख उनकी चीख निकल गई। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य भागकर दूसरी मंजिल पर पहुंचे। घरवालों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही रोहिणी नार्थ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा को तोड़कर कमरे में दाखिल हुई।
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कमरे का दृश्य काफी भयावह था। धीरज फंदे से लटका हुआ था, जबकि दोनों बच्चों का शव विस्तर पर खून से लथपथ हालत में पड़ा था। वहीं, आरती का शव जमीन पर पड़ा था। तीनों के गले पर धारदार हथियार से काटे जाने का निशान था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धीरज ने पत्नी और बच्चों की हत्या करने के बाद खुदकुशी की है। पुलिस ने छानबीन करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। छानबीन के दौरान कमरे से एक पेज का सुसाइड नोट मिला।
दोनों बच्चे दिव्यांग थे, इलाज पर खर्च हुए थे लाखों
महा सिंह ने बताया कि धीरज का दोनों बेटा दिव्यांग था। छह साल का बड़ा बेटा ठीक से बोल नहीं पाता था, जबकि दूसरा बेटे का हाथ पैर टेढे़ थे। वह चल भी नहीं पाता था। दोनों बेटों के इलाज पर धीरज ने लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन डॉक्टरों ने कह दिया था कि उनको ठीक कर पाना मुमकिन नहीं है। छोटे बेटे के बारे में डॉक्टरों ने कहा था कि जिंदगी भर इनकी सेवा करनी पड़ेगी। इसको लेकर धीरज काफी परेशान था और घर में इस बात को लेकर विवाद होता रहता था।
डिप्रेशन में था धीरज
धीरज के पिता महा सिंह ने बताया कि धीरज बच्चों की बीमारी और पत्नी से मनमुटाव की वजह से डिप्रेशन में था। होली से पहले से ही वह पत्नी से अलग खुद ही खाना बनाकर खाता था। दंपती के बीच अकसर झगड़ा होता था। महा सिंह ने बताया कि धीरज को कई बार समझाने की कोशिश की कि वह उसके बच्चों की देख रेख करेंगे, लेकिन वह इसके लिए राजी नहीं हुआ। आस पड़ोस के लोगों ने बताया कि दंपती के बीच बुधवार रात को भी झगड़ा हुआ था और कुछ देर बाद सब कुछ शांत हो गया। सुबह होने पर पता चला कि धीरज ने पत्नी और बच्चों की हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली है।
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