नई दिल्ली। दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय झुग्गी बस्तियों (स्लम कलस्टर) के समीप कम आय वर्ग वाले लोगों के लिए कौशल केंद्र स्थापित करेगा। दिल्ली मेें चार लाइट हाउस केंद्र कालकाजी, मल्कागंज, मटिया महल और पटपड़गंज में स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय ने पुणे के गैर लाभकारी संगठन लाइटहाउस कम्यूनिटीज फाउंडेशन के साथ समझौता किया है।
इसके तहत फाउंडेशन वंचित समुदायों के लिए कौशल और आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए लाइटहाउस स्थापित करेगा। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड इस योजना का समर्थन कर रहा है।
लाइटहाउस की मदद से कम आय वाले या स्लम में रहने वाले युवा बेहतर रोजगार के लिए आवश्यक कौशल हासिल करने में सक्षम बन सकेंगे। विश्वविद्यालय ने मंगलवार को फाउंडेशन के साथ एक वर्चुअल कार्यक्रम में समझौते पर हस्ताक्षर किए। स्थापित किए जाने वाले कौशल केंद्रों पर वंचित वर्ग के युवाओं को लाइटहाउस कौशल वर्धन एवं आजीविका नामक आजीविका कार्यक्रम प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय का मानना है कि लाइटहाउस प्रयास से निम्म आय या झुग्गी बस्ती समुदायों के युवाओं को चीजों को अच्छी तरह समझकर अपने कैरियर का विकल्प का चुनने में मदद मिलेगी। वह उन्नत रोजगार परकता के लिए जरूरी कौशल हासिल कर पाएंगे। वह न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे बल्कि अपने समुदायों की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर सकेंगे।
ऑनलाइन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो निहारिका वोहरा ने कहा लाइटहाउस परियोजना के माध्यम से हमें लगता है कि हम विश्वविद्यालय को समुदायों के करीब ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में विधायक आतिशी मार्लेना ने कहा कि दिल्ली सरकार का शहर में एक एकीकृत आजीविका पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के विजन और लाइटहाउस कम्युनिटीज द्वारा पुणे में स्थापित पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल की सफलता ने इस साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह समय शिक्षा और कौशल को समुदायों तक ले जाने का है। इससे पिछड़े और वंचित वर्ग से आने वाले बच्चे और युवाओं का उत्थान होगा।
इस अवसर पर लाइटहाउस कम्यूनिटीज फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ गणेश नटराजन ने कहा यह लाखों लोगों के जीवन को बदलने के हमारे मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारियों साथ अन्य लोग भी उपस्थित थे।