यमुना नदी में एक बार फिर अमोनिया की मात्रा बढ़ गई है। यमुना नदी से जुड़े दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद, चंद्रवाल और ओखला जल शोधक संयंत्र ने अमोनिया युक्त पानी साफ करने में हाथ खड़े कर दिए है। इस कारण इन संयंत्रों में पानी का उत्पादन गिर गया है। इतना ही नहीं, नई दिल्ली समेत दिल्ली के करीब 40 प्रतिशत इलाके में बुधवार को दोपहर बाद पेयजल संकट पैदा हो गया।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार पिछले कई दिनों से हरियाणा के विभिन्न शहरों से यमुना नदी में निरंतर अत्याधिक रसानियक कचरा बहाया जा रहा है। इस कारण यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़ गया है और बुधवार को वजीराबाद बैराज में अमोनिया का स्तर काफी अधिक हो गया है। लिहाजा यमुना नदी से जड़े वजीराबाद, चंद्रवाल और ओखला जल शोधक संयंत्र में पानी का उत्पादन कम होना शुरू हो गया। इसका सीधा असर शाम को पेयजल आपूर्ति पर पड़ना आरंभ हो गया और यमुना नदी में अमोनिया का स्तर कम नहीं होते तक इन संयंत्रों में पानी का उत्पादन प्रभावित रहेगा। दिल्ली जल बोर्ड ने बृहस्पतिवार को भी अनेक इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका जताई है।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार बुधवार से नई दिल्ली के तमाम इलाकों के अलावा सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज, राजेंद्र नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, प्रेम नगर, इंद्रपुरी, कालकाजी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, अंबेडकर नगर, प्रहलादपुर, रामलीला ग्राउंड, दिल्ली गेट, सुभाष पार्क, मॉडल टाउन, गुलाबी बाग, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, दक्षिण एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, बुरारी, दिल्ली छावनी एवं उनके आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट पैदा हो गया है।
उधर यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ने के मामले से दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है। जल बोर्ड के अधिकारियों ने उनसे यमुना नदी में रसायनिक कचरा आने से रोकने का आग्रह किया है।