नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में संस्कृत विभाग के प्रोफेसर डॉ. ऋषिराज पाठक को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। उनके काव्य संग्रह ‘आद्योन्मेष:’ के लिए उन्हें देश के सबसे बड़े साहित्य पुरस्कार से जल्द नवाजा जाएगा। साहित्य अकादमी की तरफ से जल्द ही उन्हें पुरस्कार स्वरूप पचास हजार रुपये और एक ताम्र फलक देकर सम्मानित किया जाएगा। डॉ. ऋषिराज पाठक छात्र जीवन से ही कविता लेखन कर रहे हैं। साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार के लिए नामित होने पर उन्होंने इस उपलब्धि के लिए अपने गुरुओं और सहपाठियों को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने शुरुआती दिनों में उनको कविता लेखन के लिए प्रोत्साहित किया।
मौजूदा समय में प्रोफेसर डॉ. ऋषिराज पाठक डीयू के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में संस्कृत पढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि साल 2005 से ही वह कविताएं लिख रहे हैं। ‘आद्योन्मेष:’ में 2016 तक लिखी उनकी कविताओं का संकलन है। इस काव्य संग्रह में 51 कविताएं है, इसे उन्होंने ‘देहली शतक’ नाम दिया है। इस कविता संग्रह में दिल्ली के ऊपर दो शतक हैं, इसके पहले भाग में दिल्ली का इतिहास समाया है।
दूसरे भाग में झलकारी पंचाशिका विधा का संकलन है। यह भी एक ऐतिहासिक खंड काव्य है, इसमें भी झलकारी बाई का इतिहास है। ‘आद्योन्मेश:’ के अंदर आधुनिक दिल्ली की झलकी भी नजर आती है, जिसमें मेट्रो, निर्भया कांड, सोशल मीडिया, होली गीत, लोक गीत समाहित हैं। इस कविता संग्रह में करीब 600 श्लोक हैं।