पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय सांख्यकी आयोग को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति के अभिभाषण में पेश आंकड़ों पर संदेह जताया है। गुरुवार को शुरू हुए संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण में शामिल सरकार के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर उन्होंने संदेह जताया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी सरकार पर आंकड़ों की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ राज्यों पर भाजपा सरकारों पर निर्दोष लोगों की मुठभेड़ में हत्या कराने के कथित आरोप लगे हैं। अब इस सरकार ने आंकड़ों की हत्या भी शुरु कर दी है।
सिब्बल ने कहा कि पिछले 45 सालों में देश में बेरोजगारी दर अपने शीर्ष पर है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार रोजगार एवं अन्य क्षेत्रों से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक नहीं करना चाहती है वहीं राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सरकार के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन की बात कही है। इसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताते हुये सिब्बल ने कहा लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें भविष्य में रोजगार मिले।