डॉ. वरुण गर्ग ने बताया कि उन्हें एक डॉक्टर साथी का फ़ोन आया कि एक 77 वर्षीय निर्मला चन्दोला नामक महिला का कोविड के कारण अस्पताल में स्वर्गवास हो गया है।
डॉक्टर पहली पंक्ति में खड़े होकर कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं और मानवता का फर्ज भी निभा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सरदार वल्लभभाई पटेल कोविड केयर केंद्र का है। जहां एक महिला की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था।
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महिला का बेटा भी कोरोना संक्रमित होने के कारण अस्पताल में भर्ती था। वहीं परिजनों और अन्य लोगों ने भी महिला का अंतिम संस्कार करने को मना कर दिया था। ऐसे में हिंदूराव अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. वरुण को इस बारे में पता चला।
उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उक्त महिला का निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार करवाया। डॉ. वरुण गर्ग ने बताया कि उन्हें एक डॉक्टर साथी का फ़ोन आया कि एक 77 वर्षीय निर्मला चन्दोला नामक महिला का कोविड के कारण अस्पताल में स्वर्गवास हो गया है।
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महिला का पुत्र भी संक्रमण के कारण इसी कोविड अस्पताल में भर्ती है। पड़ोसी और रिश्तेदार भी अंतिम संस्कार करने से मना कर रहे हैं। ऐसे में कुछ मित्रों के सहयोग से निर्मला के शव को निगम बोध घाट पर स्वयं विधिवत तरीके से अंतिम संस्कार करा गया। अस्थियो के लिए लॉकर की व्यवस्था करवाई गई जिससे निर्मला के पुत्र द्वारा ठीक होने के उपरांत वह गंगा में विसर्जन कर सके।