नई दिल्ली। उत्तरी निगम के हिंदूराव अस्पताल और एनडीएमसी मेडिकल कॉलेज के पांच रेजिडेंट डॉक्टर वेतन नहीं मिलने के विरोध में शुक्रवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उन्हें पूरा वेतन नहीं मिल जाता, हड़ताल जारी रहेगी। डॉक्टर 13 दिन से अस्पताल परिसर में ही धरना दे रहे हैं। इससे चिकित्सा सेवाएं ठप हैं। बृहस्पतिवार को उत्तरी निगम के तीन अस्पतालों के डॉक्टरों ने जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था।
हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर अभिमन्यु ने कहा कि भूख हड़ताल पर जाने के अलावा डॉक्टरों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। दो हफ्ते से बकाया वेतन की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। डॉक्टर सिर्फ अपना वेतन चाहते हैं, जोकि मूल अधिकार है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें जुलाई से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें घर चलाने में मुश्किल हो रही है।
चिकित्सा अधीक्षक को दफ्तर नहीं जाने दिया
हिंदूराव के डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह अस्पताल के सभी गेटों पर धरना शुरू कर दिया। ऐसे में पुलिस बल तैनात होने पर भी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक अपने दफ्तर में प्रवेश नहीं कर पाईं। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ जैस नारे लगाए और प्रदर्शन किया।
राजन बाबू टीबी अस्पताल भी बंद
एशिया के सबसे बड़े टीबी अस्पताल राजन बाबू को भी डॉक्टरों ने वेतन नहीं मिलने पर शुक्रवार को बंद कर दिया। अस्पताल में आपातकालीन सेवा भी बंद कर दी गई। इससे टीबी से पीड़ित मरीजों को काफी परेशानी हुई। इस अस्पताल के अलावा कस्तूरबा गांधी अस्पताल में भी हड़ताल की वजह से सेवाएं प्रभावित रहीं। यहां काफी संख्या में महिलाओं को डिलीवरी होती है।