मंगलवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए डीडीए पार्क पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सागरपुर इलाके में मुहर्रम के दिन धार्मिक झंडा लहराने को लेकर हुए विवाद के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। मंगलवार को बजरंग दल के कार्यकर्ता इलाके में हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे तो विवाद और बढ़ गया।
दोनों ओर से हुई कहासुनी के बाद पथराव की नौबत आ गई। एक-दूसरे पर पत्थर फेंके गए। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू किया। सागरपुर इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों ने दोनों ही समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरा विवाद शुक्रवार को मुहर्रम के दिन डीडीए पार्क, गली नंबर-8, सागरपुर से शुरू हुआ। ताजिये के जुलूस के दौरान कुछ लोग हरे रंग का धार्मिक झंडा लहरा रहे थे। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह लोग जानबूझकर पाकिस्तान का झंडा लहरा रहे हैं। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
वहीं, झंडा लहराने वाले लोगों ने पाकिस्तान का झंडा होने की बात से इन्कार किया। उनका कहना था कि हरे रंग के झंडे पर चांद-तारा बना हुआ था। इसकी वजह से जानबूझकर इसे पाकिस्तान का झंडा बताया गया। विवाद के बीच निवासी विपिन ने पाकिस्तानी झंडा लहराने की बात कर सागरपुर थाने में शिकायत दी। विपिन ने मामले में एक्शन लेने की मांग कर आरोपियों की गिरफ्तारी की बात की। पुलिस की ओर से जब एक्शन नहीं हुआ तो हिन्दू संगठनों ने मंगलवार को गली नंबर-8 डीडीए पार्क में जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने का आह्वान किया। आरोप है कि मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने अपने घर की छतों से हनुमान चालीसा पढ़ने आए लोगों पर पथराव कर दिया। देखते ही देखते तनाव बढ़ा और दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। स्थानीय लोगों का दावा है कि झंडा लहराने वाले समुदाय ने जानबूझकर पार्क पर कब्जा किया हुआ है। वह यहां बकरियां, मुर्गी पाल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पार्क को खाली करवाने की मांग की।
वर्जन
बजरंग दल के कार्यकर्ता मंगलवार शाम को गली नंबर-8, डीडीए पार्क, सागरपुर में हनुमान चालीसा के पाठ के लिए आए, इसके बाद विवाद हुआ। समय रहते पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया। मामले की छानबीन जारी है। -
अमित गोयल, दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त