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श्री मार्केंडेश्वर ग्रुप के निदेशक धोखाधड़ी में गिरफ्तार

Fri, 07 Feb 2020 01:18 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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arrest - फोटो : अमर उजाला
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श्री मार्केंडेश्वर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, कुरुक्षेत्र, हरियाणा के निदेशक सह मालिक को धोखाधड़ी के आरोप में दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा पुलिस ने इंस्टीट्यूट के एक प्रिंसिपल, दो कथित शिक्षक और पांच लड़कों को भी पकड़ा है। पकड़े गए लड़कों में तीन नाबालिग हैं।

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दोनों शिक्षक और पांच लड़कों को इंस्टीट्यूट का छात्र बनाकर स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका भेजा रहा था। अमेरिकी दूतावास की शिकायत पर चाणक्यपुरी थाना पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने मालिक समेत छह आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जबकि तीनों नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अमेरिका दूतावास के अधिकारी विलियम जेरी आयिलवर्ड ने चाणक्यपुरी थाने में शिकायत दी थी। अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा था कि दो शिक्षक कुरुक्षेत्र निवासी गुरचरण सिंह व अंबाला निवासी राजेश कुमार और पांच लड़कों ने अमेरिकन एंबेसी में स्टूडेंट वीजा के आवेदन के लिए आए थे।
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सभी ने खुद को मार्केंडेश्वर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट का शिक्षक व छात्र बताया था। अमेरिकी एंबेसी के अधिकारियों को कुछ संदेह हुआ तो उन्होंने इसकी सूचना चाणक्यपुरी थाना पुलिस को दी। चाणक्यपुरी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्जकर दो शिक्षक व पांच लड़कों को पकड़ लिया। इसके बाद इंस्टीट्यूट के निदेशक ज्ञानसिंह राणा (58) को अमेरिकी एंबेसी बुलाया गया और उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में पीलीभीत, यूपी निवासी प्रिंसिपल कम मैनेजर अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

चाणक्यपुरी थाना पुलिस ने दोनों शिक्षक, प्रिंसिपल व मालिक को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया और उनसे पूछताछ की। पुलिस ने कुरुक्षेत्र स्थित इंस्टीट्यूट में दबिश देकर शिक्षक व छात्रों के कागजात बरामद कर लिए।

हालांकि मालिक ज्ञान सिंह ने पूछताछ में दावा किया था कि लड़के उनके इंस्टीट्यूट के छात्र हैं। उधर, लड़कों ने छात्र होने से इंकार किया है। लड़कों का कहना है कि वह कभी इंस्टीट्यूट गए ही नहीं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि एक लड़के को इंस्टीट्यूट का छात्र बनाने के लिए चार लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। शुरुआत में लड़कों से डेढ़ से दो लाख रुपये ले लिए गए थे। बाकी पैसे वीजा बनने के बाद देने थे। पुलिस इस मामले में इंस्टीट्यूट व उसके मालिक की भूमिका की जांच कर रही है।

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