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Delhi: MCD वार्ड समिति के चुनाव में BJP-APP में सीधा मुकाबला, रोहिणी-दक्षिण में कांग्रेस की निर्णायक भूमिका

Tue, 07 Jul 2026 05:17 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

एमसीडी ने इन चुनावों का कार्यक्रम तीसरी बार जारी किया है। इससे पहले 23 मई और फिर 3 जून को चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन दोनों बार नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही चुनाव स्थगित कर दिए गए।
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एमसीडी मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एमसीडी की 12 वार्ड समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 15 जुलाई को होने वाले चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। अधिकांश वार्ड समितियों में दोनों दलों ने अपनी रणनीति तय कर ली है, जबकि रोहिणी और दक्षिण वार्ड समिति में कांग्रेस की भूमिका परिणाम तय करने में अहम मानी जा रही है।

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मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के अनुसार भाजपा और उसकी सहयोगी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (इंविपा) सात वार्ड समितियों में मजबूत स्थिति में हैं। केशवपुरम, सिविल लाइंस, नरेला, नजफगढ़, मध्य, शाहदरा दक्षिणी और शाहदरा उत्तरी वार्ड समितियों में भाजपा-इंविपा गठबंधन के पास बहुमत है। ऐसे में इन समितियों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की जीत की संभावना प्रबल मानी जा रही है। दूसरी ओर, सिटी एसपी (शहरी सदर-पहाड़गंज), करोल बाग और पश्चिम वार्ड समितियों में आम आदमी पार्टी का पलड़ा भारी है। हालांकि पश्चिम वार्ड समिति में आप को केवल एक सदस्य की बढ़त हासिल है, जिससे यहां मुकाबला काफी रोचक रहने की संभावना है।

15 जुलाई को चुनाव 
एमसीडी ने इन चुनावों का कार्यक्रम तीसरी बार जारी किया है। इससे पहले 23 मई और फिर 3 जून को चुनाव प्रस्तावित थे, लेकिन दोनों बार नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही चुनाव स्थगित कर दिए गए। अब निगम सचिव कार्यालय ने 15 जुलाई को चुनाव कराने का कार्यक्रम तय किया है।
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10 तक कर सकते हैं नामांकन दाखिल  
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई है। इसी दिन स्थायी समिति की छह रिक्त सीटों के लिए भी चुनाव होंगे। केशवपुरम, नरेला, नजफगढ़, मध्य, शाहदरा दक्षिणी और करोल बाग वार्ड समितियां अपने-अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगी। एमसीडी की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली स्थायी समिति की इन सीटों के नतीजों पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।

रोहिणी और दक्षिण वार्ड में सबसे दिलचस्प स्थिति
सबसे दिलचस्प स्थिति रोहिणी और दक्षिण वार्ड समिति में बनी हुई है। रोहिणी में किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। यहां आप भाजपा से आगे जरूर है, लेकिन जीत की चाबी कांग्रेस के पास मानी जा रही है। यदि कांग्रेस चुनाव में हिस्सा नहीं लेती है तो आप की राह आसान हो सकती है। 

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