पर्यावरण में सुधार के लिए लाई गई युलु बाइक नई दिल्ली में ट्रैफिक व लोगों के लिए मुसीबत बनने लगी हैं। युलु बाइक से नई दिल्ली क्षेत्र में पैदल यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल है। देखने में आ रहा है कि युलु बाइक भीड़भाड़ वाली जगहों पर तेज रफ्तार ट्रैफिक को अचानक रोक देती हैं। वहीं इनकी ऊंचाई कम होने की वजह से ये सड़क दुर्घटना की वजह बन रही हैं।
ऐसे में एक तरफ जहां दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इन युलु बाइक को जब्त करना शुरू कर दिया है वहीं ये मुद्दा डीएमआरसी के सामने उठाया है। पुलिस ने अभी तक 134 युलु बाइक को जब्त किया है। डीएमआरसी ने डॉकलेस बाइक शेयरिंग सेवा के तहत युलु बाइक सेवा शुरू की थी। ये बाइक मेट्रो स्टेशन पर आने वाले लोग इस्तेमाल कर सकते हैं। मगर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की स्टडी में ये बात सामने आई है कि कनॉट प्लेस, इंडिया गेट, राजपथ, खान मार्केट आदि जगहों पर नाबालिग समेत स्कूली बच्चे बिना हेलमेट के इन युलु बाइक को चलाते हैं।
बाइक का इस्तेमाल करने वाले लोग मेट्रो तक पहुंचने की बजाय अन्य जगह इससे जाते हैं। इसकी गति 25 किमी प्रतिघंटा होती है। ऐसे में ये भीड़भाड़ वाली सड़कों पर अचानक पहुंचकर ट्रैफिक को धीमा कर देती हैं या रोक देती हैं। इससे जाम जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने डीएमआरसी को कहा कि ये सुनिश्चित किया जाए कि युलु बाइक अनुशासित व सुरक्षित तरीके से चले। चालकों को निर्देश देने वाले तैनात किए जाए।
इस्तेमाल के बाद छोड़ दिया जाता है लावारिस
पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई है कि युलु बाइक का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें फुटपाथ, गोल चक्कर, इमारतों के पास व डिवाइडर व अन्य जगहों पर छोड़ दिया जाता है। इससे जहां जाम लगता है। इस पर दिल्ली पुलिस एक्ट 66 के तहत अब तक संसद मार्ग से 52, बाराखंभा से 25, सफदरजंग एंक्लेव से 20, चाणक्यपुरी से 11, तिलक मार्ग से 10, तिलक मार्ग एरिया से 5, दिल्ली कैंट से 5, वसंत कुंज से 5 और वसंत कुंज इलाके से एक युलु बाइक को जब्त किया जा चुका है। बाद सब-डिवीजन एसीपी की अनुमति के बाद ही इन बाइक को छोड़ा जाता है।
बड़े वाहन चालकों को नहीं आती नजर
युलु बाइक की ऊंचाई कम है। ऐसे में बड़े वाहन चालक इनको देख नहीं पाते हैं। अचानक सामने आने से सड़क दुर्घटना की संभावना रहती है। युवा व बच्चे इन युलु बाइक पर डबल व ट्रिपलिंग राइडिंग करते हैं। वहीं अब कई युलु बाइक चालक फुटपाथ पर चलाने लगे हैं। इससे पैदल चलने वालों के लिए जोखिम रहता है। इन बाइक पर रिफ्लेक्टर भी लगा नहीं होता है। इसके अलावा युलु बाइक के उपयोगकर्ताओं को बाइक चलाने के नियमों को समझाने के लिए डॉक या बाइक स्टैंड पर कोई युलु कर्मचारी मौजूद नहीं होता।