हालांकि यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि छ: साल से अधिक समय बीत जाने के बाद अब आनन-फानन में उन्हें क्यों हटाया गया। डिप्टी रजिस्ट्रार कॉलेज की ओर से डॉ. राजीव गुप्ता को तत्काल प्रभाव से उनके मूल कॉलेज में वापस भेजने के लिए कहा गया है।
इसी तरह से डॉ. नमिता राजपूत कार्यकारी प्रिंसिपल का जिम्मा संभाले हुए थी। उनका भी कार्यकाल पूरा होने का हवाला दिया जा रहा है। कॉलेजों में प्रबंध समिति नहीं होने पर भी उनको हटाए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।